राज्य सभा सदस्य एवं धर्माधिकारी डॉ वीरेन्द्र हेगड़े ने किये भगवान महावीर की भू गर्भ से प्रकटित मूलनायक एवं नव प्रतिष्ठित खड्गासन प्रतिमा के
महामस्तकाभिषेक – सांस्कृतिक कार्यक्रम में झलकी राजस्थानी संस्कृति –
श्री महावीरजी –
भगवान महावीर की मूंगावर्णी अतिशयकारी प्रतिमा के महामस्तकाभिषेक महोत्सव में चौथे दिन बुधवार को राज्य सभा सांसद एवं धर्माधिकारी डॉ वीरेन्द्र हेगड़े सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के साथ महामस्तकाभिषेक किये।इस अवसर पर मंदिर परिसर जयकारों गुंजायमान हो उठा। महामस्तकाभिषेक महोत्सव
का 4 दिसंबर को समापन होगा।इस दौरान पुण्यार्जक श्रद्धालुओं एवं इन्द्र-इन्द्राणियों द्वारा 2651 कलशों से भगवान का महामस्तकाभिषेक किया जाएगा।
महोत्सव समिति के प्रचार संयोजक विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि बुधवार को राज्य सभा सांसद एवं कर्नाटक प्रान्त के धर्मस्थल क्षेत्र के धर्माधिकारी डॉ वीरेन्द्र हेगड़े एवं उनके भाई सुरेन्द्र हेगड़े ने टीले से निकली अतिशयकारी 1 हजार वर्ष प्राचीन भगवान महावीर की मूंगावर्णी मूलनायक प्रतिमा के प्रथम महामस्तकाभिषेक किये। इस मौके पर आचार्य वर्धमान सागर महाराज, आचार्य अमित सागर महाराज की विशेष उपस्थिति रही।
तत्पश्चात् डॉ हेगड़े द्वारा
चरण छतरी के नजदीक नव प्रतिष्ठित 24फुट 1इंच की उतंग खड्गासन बिजोलिया पत्थर से निर्मित भगवान महावीर की प्रतिमा के जयकारों के बीच मंत्रोच्चार के साथ महामस्तकाभिषेक किये गये।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में झलकी राजस्थानी संस्कृति —

रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में मंगलवार को राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया। राजस्थान सरकार के पर्यटन,कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा संयोजित इस कार्यक्रम में कलाकारों की दस टीमों सीकर, करौली, जोधपुर, जयपुर आदि द्वारा मनमौहक प्रस्तुतियां दी गई। रणथंभौर के गणेश जी की वन्दना से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में घूमर,चरी नृत्य, फूलों की होली,मयूर नृत्य सहित कई मनमोहक प्रस्तुतियां दी गई।
बुधवार को वीणा कैसेट्स जयपुर के सौजन्य से राजस्थानी सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन किया गया जिसमें कलाकारों द्वारा राजस्थानी संस्कृति को झलकाती मनमौहक प्रस्तुतियां दी गई।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
