*बच्चों को नौकर नहीं सेठ बनाओ मुनि श्री शैलसागर*
सागर /
आज मां बाप बच्चों को महज इसलिए पढ़ा रहे हैं कि उन्हें नौकरी मिल जाए और उनका जीवन यापन अच्छे से चल सके। लेकिन बच्चे नौकरी के चक्कर में संस्कार विहीन शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। बच्चों को नौकर नहीं बनाए, बल्कि सेठ बनाएं जिससे वह दूसरों को नौकरी दे सकें। यह बात मुनि श्री शैलसागर महाराज ने वर्णी कॉलोनी स्थित जैन धर्मशाला में अपने प्रवचन में कही। उन्होंने कहा कि बच्चों को ऐसी शिक्षा दें जो जीवन का निर्माण कर सकें। सिर्फ निर्वाह नहीं, शिक्षा वही अच्छी है जिससे जीवन का निर्माण अच्छे तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि आज आप लोग सिर्फ पैसे कमाने में लगे हो, और इसके चलते आप पाप भी कर रहे हो ।क्योंकि पैसा कमाने में पाप का अर्जन होता है। आप कितनी भी पेटी भर ले लेकिन वह भर नहीं पाती है। दूसरों के दुख में दुखी बनो, और भगवान से निवेदन करो कि पड़ोसी के घर का दुख दूर हो जाए ।इसका मतलब आप धर्म ध्यान कर रहे हैं। और स्वयं के दुख में रो रहे हो। इसका मतलब है आत्म ध्यान और रौद्र ध्यान कर रहे हो।और पड़ोसी की चिंता की कि वह सुखी हो जाए तो आप भी सुखी हो जाओगे। मुनि श्री ने कहा अच्छे कार्यों के लिए मुहूर्त की आवश्यकता होती है, परिवर्तन प्रकृति का स्वभाव होता है। वर्षा ऋतु, शीत ऋतु और ग्रीष्म ऋतु में परिवर्तन होता रहता है ।लेकिन अब तो व्यक्तियों में भी परिवर्तन होने लगा है।उन्होंने कहा कि जब घर के सदस्य बढ़ते जाते हैं तो घर बड़ा बनाते हैं या दूसरा खरीदते हैं। ताकि लोगों को सुख सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार जब मंदिर छोटा पढ़ने लगे तो उसे भी बड़ा बनवाना चाहिए। और बुजुर्गों के लिए जमीन की मंजिल पर श्री जी विराजमान होना चाहिए बहुत आवश्यक है। बुढ़ापे में लोगों को नित्य प्रतिदिन भगवान के दर्शन प्राप्त हो सके। इस अवसर पर मुनि श्री को शास्त्र भेंट करने का अवसर मुकेश जैन ढाना और चक्रेश जैन पटना को प्राप्त हुआ। कार्यक्रम का मंगलाचरण श्रीमती सविता सट्टू कर्रापुर ने किया और कार्यक्रम का संचालन संजय जैन टडा ने किया।मुनि संघ का सुबह गौराबाई मंदिर से बिहार हुआ और लिंक रोड स्थित आदिनाथ जिनालय तथा बाहुबली कॉलोनी स्थित श्री चंदा प्रभु जिनालय में दर्शन करने के बाद वे वर्णी कॉलोनी स्थित न्यायालय पहुंची आहारचर्या भी वर्णी कॉलोनी में ही संपन्न हुई।दोपहर 1:30 बजे उनका बिहार हो गया और गोपालगंज के नवनिर्मित मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। बाद में जेल में हथकरघा के वस्त्रों को देखा।और फिर मकरोनिया स्थित नया नगर में रात्रि विश्राम के रुक गई सुबह की आहारचर्या संभवत चना टोरिया में होगी दूसरी ओर मुनि श्री निर्णय सागर महाराज का बिहार कुंडलपुर की ओर चल रहा है 13 जनवरी को उनकी आहारचर्या नरयावली में होगी और दोपहर बाद बिहार होकर शाम तक मोराजी सागर में प्रवेश होगा।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
