मुक पशु को मिला मुनि पुंगव श्री सुधासागर जी महाराज की आशीष से
श्रीश जैन ललितपुर की कलम से
ललितपुर
आज जिलापंचायत कार्यालय के ठीक सामने एक गाय का बछड़ा बहुत ही दयनीय हालात में पड़ा हुआ था दर्द की अधिकता से वह बेहद छटपटा रहा था उसकी गर्दन पीछे की ओर अकड़ गयी थी पेट भी फूला हुआ था। श्रीश जैन बताया की प्रथम दृष्टया तो हम लोगो को यह लगा कि यह इसका अंतिम समय हैं। तब डॉ अक्षय जैन ने जाकर यह समाचार करुणा के भंडार निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधासागर जी महाराज को बताया लेकिन गुरुवर तो गुरुवर है वो तो सदा मूक प्राणी के प्रति दया भाव से भरे हुए है। होना क्या था पूज्य गुरुदेव उस गाय के बछड़े के पास आये और अपने कमण्डल का जल उसके ऊपर छिटक कर उसके अंदर होने वाली तपन को शांत करने की भावना करते हुए उसके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की,,,, किसी कवि ने लिखा है
“दुनिया का सहारा क्या लेना प्रभु तेरा सहारा काफी हैं,,, और आज उस बछड़े के लिये आज वह भजन सत्य हो गया”
जैसे ही गुरुदेव ने उसे आशीर्वाद दिया और संकेत किया कि इसका उपचार कराओ मैने तुरन्त छोटे भाई प्रशांत शुक्ला से सम्पर्क किया और वे दौड़ कर आये व बछड़े को तुरन्त ही इमरजेंसी में भर्ती किया और इंजेक्शन लगाए,, भाई की मेहनत पर गुरुदेव के आशीर्वाद की मुहर लगी हुई थी.सो कुछ ही देर में बछड़ा ठीक हो गया। लेकिन अभी देखरेख में हैं।
करुणा के भंडार ऐसे पूज्य गुरुदेव के आशीर्वाद से सभी की काया निरोगी रहे।
करुणा के भंडार हमारे गुरुवर जी
भव दुख मेंटन हार हमारे गुरुवर जी ।
संकलित अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
