महाव्रती मुनि श्री विराट सागर महाराज के मार्गदर्शन में तपस्वी विनीता सेठी का पारणा हुआ दुर्लभ क्षण

धर्म

महाव्रती मुनि श्री विराट सागर महाराज के मार्गदर्शन में तपस्वी विनीता सेठी का पारणा हुआ दुर्लभ क्षण

 

खुरई

 

 

 


धर्ममय नगरी खुरई में निर्यापक श्रमण मुनि श्री सम्भव साग़र जी महाराज संघ का मंगल वर्षायोग चल रहा है नगर में महती धर्म की गंगा प्रभावित हो रही है। हाल ही में दसलक्षण पर्व पर महती तप आराधना हुई। पूज्य आचार्य भगवन विद्यासागर गुरुदेव की महिमा उनका तप, व उनके शिष्यों की महिमा असीमित है।

हम जिक्र करना जा रहे है जो सचमुच किसी दुर्लभ क्षणों से कम नही कहे जा सकते है।

क्षण था दसलक्षण पर्व उपरान्त धर्मनिष्ठ श्रीमती तपस्वी विनीता सेठी 10 उपवास के बाद का व नियम संकल्प के साथ थी की मुनिसंघ के आहार उपरान्त ही समस्त प्रकार का आहार ग्रहण करेगी होना क्या था

वह अपने आवास के बाहर द्वारापेक्षण करने हेतु खड़ी हुई ,पुण्य का पलड़ा गहरा होता गया और एक नही दो मुनिराजों का आहार चर्या संपन्न हुई पूज्यवर विराट सागर महाराज एवम निसंग महाराज की आहारचर्या सम्पन्न हुई।

वे स्वयम भी भाव विभोर थी कह रही थी विनती सुन ली गुरुवर ने

अब तो होगा चमत्कार वहां मौजूद भक्तजन परिवार जन में उर्मिला बेनाड़ा, गुणमाला सेठी, सुलोचना लुहाडिया, पदम लुहाडिया,

जिनेद्रसेठी, पवन बड़जात्या, प्रभा बड़जात्या अमीष जैन आदि ने उन पलों को हमसे साँझा किये हम सब भाव विभोर थे आहार चर्या उपरान्त विराट ह्रदय पूज्यवर 108 विराट सागर महाराज के निर्देशन में तपस्वी विनीता सेठी का पारणा संपन्न हुआ पुज्यवर की अनुकम्पा सचमुच अदभुत एक महाव्रती तपस्वी महासन्त तप की अनुमोदना कर रहा है। जो विनय सम्पन्नता का जीता जागता यथार्थ उदाहरण देता है। यही है आचार्य गुरुवर विद्यासागर महाराज की कलयुग में सदयुग जैसी शिष्य मंडली
लिखते लिखते लिख जाता हु
इतना दुर्लभ क्षण अपने शब्दों को असीमित पाता हूं
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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