जयपुर से श्री महावीर जी की 36 वीं पदयात्रा मंगलवार 20 सितम्बर को संघीजी की नसिया खानिया से रवाना होगी – मोहनपुरा – दौसा-सिकन्दरा-गुढाचन्द्र जी होते हुए 25 सितम्बर को पहुचेगी श्री महावीर जी –
पदयात्री अहिंसा एवं शाकाहार का करेगें प्रचार प्रसार
जयपुर
– भगवान महावीर के संदेश जीओ और जीने दो, अहिंसा, शाकाहार सहित जैन धर्म, जैन संस्कृति के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य को लेकर
श्री दिगम्बर जैन पदयात्रा संघ जयपुर द्वारा जयपुर से श्री महावीर जी की 135 किलोमीटर मार्ग की 36 वीं पदयात्रा मंगलवार 20 सितम्बर को रवाना होगी। आचार्य सुनील सागर एवं आचार्य विवेक सागर महाराज
ने पदयात्रा की सफलता के लिए आशीर्वाद दिया है ।
संघ के प्रचार प्रभारी विनोद जैन ‘कोटखावदा’ ने बताया कि पदयात्रा मंगलवार 20 सितम्बर को संघ के संरक्षक सुभाष चन्द जैन एवं संयोजक पवन जैन नैनवां के नेतृत्व में दोपहर 3.00 बजे आगरा रोड स्थित संघीजी की नसिया खानिया से रवाना होगी। रवानगी से पूर्व संघीजी की नसिया में जिनेन्द्र भगवान के सामूहिक दर्शन, आरती के बाद संसार के सभी जीवों की मंगल कामना हेतु मंगल प्रार्थना करेगें ।
संरक्षक सुभाष चन्द जैन ने बताया कि पदयात्रा बुधवार 21 सितम्बर को मोहनपुरा दिगम्बर जैन मंदिर पहुचेगी जहा पूजा अर्चना के विशेष आयोजन होगें।
पदयात्रा के संयोजक पवन जैन नैनवां के अनुसार पदयात्रा गुरुवार,22 सितम्बर को दौसा के श्री आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर , शुक्रवार 23 सितम्बर को सिकन्दरा के श्री चन्द्र प्रभू दिगम्बर जैन मंदिर , शनिवार 24सितम्बर को गुढाचन्द्र जी के श्री दिगम्बर जैन मंदिर पहुचेगी ।
पदयात्रा नादोती, खेडला-खेडली होते हुए रविवार,25 सितम्बर को श्री महावीर जी पहुचेगी।पदयात्री
श्री महावीर जी में विशाल जुलूस के साथ भगवान महावीर के दरबार में पहुंच कर दर्शन लाभ लेंगे। सायंकाल पदयात्री सम्मान समारोह के बाद महाआरती तथा भक्ति संध्या के आयोजन किए जाएंगे।
श्री जैन के मुताबिक सोमवार,26 सितम्बर को आचार्य वर्धमान सागर महाराज ससंघ के सानिध्य में प्रातः शांतिनाथ विधान पूजा का आयोजन किया जाएगा।

श्री जैन के मुताबिक पदयात्रा मार्ग में धार्मिक आयोजन किये जायेंगे।पदयात्रा में महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल होगी।
सह संयोजक जिनेन्द्र जैन ने बताया कि पदयात्रा समापन पर पदयात्रियों के लिए श्री महावीरजी से जयपुर आने के लिए संघ की ओर से बसों की नि:शुल्क व्यवस्था रहेगी।
संघ के प्रचार प्रभारी विनोद जैन ‘कोटखावदा’ के मुताबिक सन् 1986 से संघ जयपुर से श्री महावीर जी की पदयात्रा के साथ साथ सन् 2000 में जयपुर से शाश्वत तीर्थराज श्री सम्मेद शिखर जी की 1300 किलोमीटर की, सन् 2003 में जयपुर से कुण्डलपुर (बडे बाबा) की 800 कि. मी. की तथा सन् 2006 में जयपुर से बैंगलोर रेल द्वारा तथा बैंगलोर से श्रवणबेलगोला बाहुबली की 140 कि. मी. की पदवन्दना 444 पदयात्रियों के साथ तथा सन् 2018 में जयपुर से बैंगलोर हवाई जहाज द्वारा तथा बैंगलोर से श्रवणबेलगोला बाहुबली की 140 कि. मी. की पदयात्रा 151 पदयात्रियों के साथ सफलतापूर्वक संपन्न की गई। संघ पदयात्रा के साथ साथ समाज एवं मानव सेवा के कार्य भी कर रहा है। इसी कड़ी में कुण्डलपुर में एक विशाल औषधालय का निर्माण करवाया गया है जिसमें हजारों रोगियों का आयुर्वेद एवं प्राणोपचार पद्धति से उपचार किया जा चुका है।
औषधालय में संघ की ओर से सैकड़ों मासिक चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।
संकलंन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
