भींडर में तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागरजी के नाम से विद्यालय भवन और गुरु मंदिर का हुआ भूमि पूजन, शिलान्यास* एक अजैन गुरुभक्त को श्रद्धा समर्पण पर मिला गुरु का विशेष आशीर्वाद आचार्य सुनील सागर जी गुरुदेव के संघ के द्वय मुनिश्री मंगल सानिध्य हेतु भींडर पधारे

धर्म

भींडर में तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागरजी के नाम से विद्यालय भवन और गुरु मंदिर का हुआ भूमि पूजन, शिलान्यास*

एक अजैन गुरुभक्त को श्रद्धा समर्पण पर मिला गुरु का विशेष आशीर्वाद

आचार्य सुनील सागर जी गुरुदेव के संघ के द्वय मुनिश्री मंगल सानिध्य हेतु भींडर पधारे

भींडर ।
राजस्थान के उदयपुर जिले के भींडर निवासी अनिल स्वर्णकार जो कि अजैन होते हुए भी जैन धर्म की पालना करते हुए कई वर्षों से आचार्य सुनील सागरजी गुरुदेव के चरणों में तपस्वी सम्राट के गुरु मंदिर एवं तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर विद्यालय के शिलान्यास हेतु निवेदन कर रहे थे । श्री स्वर्णकार की गुरु भक्ति, आस्था, श्रद्धा और समर्पण पर आचार्य सुनील सागर जी गुरुदेव ने मंगल आशीर्वाद देते हुए अपने संघ के दो मुनिश्री मुनि सुश्रुत सागरजी महाराज ,मुनि संपूज्य सागरजी महाराज को विद्यालय भवन एवं गुरु मंदिर के शिलान्यास समारोह में सानिध्य प्रदान करने हेतु आज्ञा प्रदान की। दोनों मुनिश्री ने कड़ाके की भीषण ठंड मे भी 25-30 किलोमीटर प्रतिदिन पद विहार कर अपना मंगल सानिध्य प्रदान किया । यह बात पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रही के अजैन व्यक्ति के गुरु भक्ति पर इतने बड़े आचार्य श्री ने सानिध्य प्रदान करने हेतु अपने संघ से दो मुनिराज को भींडर भेजा*।

*भींडर:- शिलान्यास समारोह*
*आदिब्रह्मा आदिनाथ फाउंडेशन द्वारा भींडर मे चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य सुनील सागरजी महाराज की प्रेरणा एवम आशीर्वाद से मुनि संपूज्य सागर महाराज, मुनि सुश्रुत सागर महाराज के सानिध्य और प्रतिष्ठाचार्य दिनेश जैन मुंबई के निर्देशन मे तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर उच्च प्राथमिक विधालय एवम तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागर गुरु मंदिर का भूमि पूजन व शिलान्यास समारोह हुआ। समारोह मे संस्था अध्यक्ष सुरेश कोठारी ,निदेशक अनिल स्वर्णकार, सुमतिलाल दुदावत, मोहन जैन कावा, लीला कुर्डिया, महेंद्र स्वर्णकार महावीर हाती, धनपाल उदैपुरिया, महेंद्र जैन, सूरजमल बोहरा, पारसमल पचौरी, विद्यालय स्टाफ सहित कई श्रावकगण मौजूद थे। समारोह पांडाल का उद्घाटन धुलचंद वीरमोत सलुम्बर , ध्वजारोहण सुरेश कांतादेवी कोठारी परसाद मुंबई ने, गुरु मंदिर का शिलान्यास विश्वसेन ज्ञानचंद मिण्डा मुंबई द्वारा, विद्यालय का शिलान्यास वन्दनादेवी मांगीलाल हण्डावत, सरस्वती मंदिर का शिलान्यास मणीलाल गोटी बडगाव (सराडा) ने किया। 8 दिशाओं की मुख्य शिलाएँ खुबीलाल अदवासिया, शांति लाल वेलावत ,छगन लाल दोशी, केशुलाल मालवी, झमक लाल टाया, भगवती लाल देवडा, अमृतलाल परतियोत, राजमल भीमावत, सावन सरिया, विशाल कराडिया, जमनालाल हपावत, शांतिलाल गणावत, सुदीप चौधरी, कीर्तिकुमार सराफ ,अशोक गांधी,धनराज गोवाडिया , ललित कुमार सिंघवी, हंसमुख वेलावत, मीठा लाल हाथी केशव लाल तोरावत, प्रेरणा शाह ,पारस भरत नावडिया आदि परिवारों ने स्थापित की। इसके साथ ही श्रावको द्वारा रजत और ताम्र शिलाए स्थापित की गयी । इसके पूर्व प्रात: भक्तामर विधान, वास्तु विधान, हवन हुआ। दोपहर मे शाहजी पैलेस मे समारोह के बाद डीजे पर भक्तिधुनों के साथ शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा समारोह स्थल शाहजी पैलेस से साटडीया बाजार गिरिवर पोल होते हुए शिलान्यास स्थल शिकारवाडी पहुची। समारोह मे संस्था अध्यक्ष सुरेश कोठारी निदेशक अनिल स्वर्णकार, सुमति लाल दुदावत, मोहनलाल जैन कावा, लीला कुर्डिया, महेंद्र स्वर्णकार विद्यालय स्टाफ सहित कई श्रावकगण मौजूद थे। मुनि सुश्रुत सागरजी महाराज ने धर्म सभा मे कहा कि ज्ञानदान महादान है। विद्यालय भवन बनने से जरूरतमंद बच्चो की निशुल्क शिक्षा का प्रयास भींडर और आसपास क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। धर्मसभा के दौरान मुनि संघ को उदयपुर व मुंबई के श्रावकगणों ने पादप्रक्षालन कर जिनवाणी भेंट की*।

*विशेष :- संस्था निदेशक अनिल स्वर्णकार ने बताया कि तपस्वी सम्राट आचार्य सन्मति सागरजी प्रसिद्ध दिगंबर जैन संत थे ।जिन्होंने आश्चर्यजनक कठिन तपस्या की ।कई वर्षों तक अन्न का त्याग करके 3 दिन के अंतराल में आहार में केवल छाछ और मट्ठा लेते थे। ऐसे तपस्वी संत का गुरु मंदिर और उनके नाम से भारत में पहला विद्यालय भिंडर नगर में बनने जा रहा है । इस विद्यालय के माध्यम से क्षेत्र के जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा मिल पाएगी*।

संकलन अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी

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