दीक्षार्थी आदेश्वर पचोरी मोक्षमार्ग पर आरूढ़ होकर बने मुनि मुमुक्षु सागर
किशनगढ़
पूज्य वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी के कर कमलो से दीक्षार्थी आदेश्वर पचोरी की मुनि दीक्षा मदनगंज किशनगढ़ के सूरज देवी भवन मे हुयी पूज्य गुरुदेव के कर कमलो से सम्पन्न हुयी दीक्षा के संस्कार से पूर्व मुनि श्री हितेंद्र सागर महाराज ने दीक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला उन्होने कहा केशलोच भोग विराग से मुक्ति का मार्ग है उन्होनेकहा पहले जब आदेश्वर जी निकलते तो काच देखकर निकलते थे लेकिन अब सब छोड़ दिया है किसी प्रकार का मोह नहीं है पचइन्द्रिय केविषयों मे अब इनकी इच्छा नहीं है परिग्रह की अब कोई इच्छा नहीं है इन्होने संसार के भोगो से विरक्त होकर केशलोच किया है
दीक्षा समारोह मे पंडित श्री हसमुख जैन ने जमकर किशनगढ़ की जमकर तारीफ़ की सारे जहा का पुण्य किशनगढ़ समेटना चाहता है


कुछ दिन पूर्व इन्होने भव्य पंचकल्याणक सम्पन्न करवाया और आज दीक्षा वो भी आचार्य श्री के कर कमलो से होने उन्होने दीक्षार्थी आदेश्वर पचोरी के विषय मे कहा की इन्होने पंडित के रूप मे रहते हुए कही वेदी प्रतिष्ठा हमारे साथ रहकर सम्पन्न कराई वही से इनके जीवन मे वैराग्य जाग्रत कूट कूट के भरा था चारित्र के प्रति यह सजग रहे

पूज्य आचार्य श्री ने किये दीक्षा के संस्कार
आचार्य श्री वर्धमान सागर महाराज ने दीक्षार्थी आदेश्वर पचोरी के दीक्षा के संस्कार किये दीक्षा से पूर्व की क्रिया जब दीक्षार्थी द्वारा केशलोचन किया यह क्षण देख हर कोई भावुक था इतनी सहजता से अपने हाथो से केशलोच कर रहे केशलोच एक तप साधना है पूज्य आचार्य श्री ने दीक्षार्थी के मस्तक पर संस्कार किये और स्वस्तिक किया एक एक करके शरीर से समस्त वस्त्रो का त्याग कर दीक्षार्थी द्वारा दिगंबर वेश को धारण किया
पूज्य श्री ने दीक्षा के संस्कार करते हुए उन्हे पूज्य मुनि श्री 108मुमुक्षु सागर महाराज नाम दिया जैसे ही नाम का उच्चारण हुआ सारा सभागार जय जयकार की गूंज से गूंज उठा।
आर के मार्बल परिवार को मिला तिहरा लाभ
इस अनुपम बेला में धर्मनिष्ट आर के मार्बल परिवार के श्रीमान अशोक सुशीला पाटनी को तिहरा पुण्य लाभ प्राप्त हुआ। उन्हें आचार्य श्री के चरणों का पद प्रक्षालन का पुण्य लाभ मिला, इसके साथ ही उन्हें आचार्य श्री को शास्त्र भेट करने के साथ नूतन मुनिराज मुनि श्री 108 मुमुक्षु सागर जी महाराज को शास्त्र भेंट करने का पुण्य लाभ मिला। वहीं नवीन मुनिराज को पिच्छिका भेट करने का पुण्य लाभ ग्रहस्थ अवस्था के पुत्र पुत्रवधु हेमंत दीपिका पचोरी, कमंडल भेट करने का लाभ संदीप दीपेश डागरिया को मिला।
आचार्य श्री के द्वारा अब तक 101दीक्षाए प्रदान की जा चुकी है।
पूज्य श्री ने श्रमण परपरा को एक उदयमान किया है इन्होंने अब तक 101दीक्षाए प्रदान की है। जिनमे मुनि, आर्यिका, ऐलक, क्षुल्लक, क्षुल्लिका शामिल है।
प्रचार मंत्री गौरव पाटनी राजेश पंचोलिया वात्सल्य भक्त परिवार से प्राप्त जानकारी
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
