केशरबाग से गोपाचल पहुंचा आर्यिका संघ गोपाचल की प्रतिमाएं जैन धर्म की दुनियाभर में अनूठी धरोहर है विशुद्धमती माताजी

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केशरबाग से गोपाचल पहुंचा आर्यिका संघ
गोपाचल की प्रतिमाएं जैन धर्म की दुनियाभर में अनूठी धरोहर है विशुद्धमती माताजी
ग्वालियर।
तीन दिन मुरार प्रवास के बाद सिद्धान्त रत्न भारत गौरव गणिनी आर्यिकाश्री विशुद्धमति माताजी ससंघ शुक्रवार शाम मुरार से पद विहार कर केशरबाग पहुंचा। वहां रात्रि विश्राम के बाद आर्यिका संघ शनिवार सुबह प्रसिद्ध जैन तीर्थक्षेत्र गोपाचल पर्वत पहुंचा और वहां विराजित देवाधिदेव भगवान पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन किए। इसके बाद आर्यिका संघ चम्पाबाग धर्मशाला पहुंच गया।
जैन समाज के प्रवक्ता ललित जैन ने बताया कि गणिनी आर्यिका विशुद्धमति माताजी ससंघ ने गोपाचल पर्वत की अनमोल धरोहर को देख कहा की जैन धर्म की ये धरोहर दुनिया में अनूठी है। ऐसी भव्य प्रतिमाओं का निर्माण करवाने वाला पुण्यशाली व्यक्ति ही होगा! इस पवित्र स्थान से ग्वालियर की पहचान देश विदेशों में हुई है! इस धरोहर के पूर्ण संरक्षण की जरूरत है। जैन समाज को इसके संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए!


रविवार से चम्पाबाग बगीची में होंगे प्रवचन
53वें मां विशुद्ध वर्षायोग समिति के मुख्य संयोजक पुरुषोत्तम जैन एवं सह कोषाध्यक्ष सुरेंद्र जैन वैक्सीन ने बताया कि गणिनी आर्यिका श्री विशुद्धमति माताजी ससंघ के प्रवचन रविवार से सुबह 8.30 बजे से चम्पाबाग बगीची में होंगे।
संकलन अभिषेक जैन लुहाडीया रामगंजमडी

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