वात्सल्य वारिधि वर्धमान सागर जी महाराज ने कहा तप एक साधना है और साधना करने के लिए बहुतकुछ खोना पड़ता है
केशोरायपाटन

वात्सल्य वारिधि आचार्य श्री वर्धमान सागर जी महाराज का 33 वा आचार्य पदारोहण दिवस भक्ति भाव उल्लास के साथ मनाया गया कृषि उपज मंडी मे आयोजित इस आयोजन नगर के समाजजन अतिथि सत्कार मे लगे रहे। पूज्य आचार्य भगवन वर्धमान सागर महाराज संघ सहित श्रीमुनिसुव्रतनाथ अतिशय क्षेत्र से मंगल विहार कर समाराेह स्थल कृषि उपज मंडी आए जहा दोपहर की बेला मे मंत्रोच्चारण के साथ यह आयोजन आरभ हुआ इस पुनीत प्रसंग मे आचार्य श्री ने कहा यह मनुष्य जीवन बड़ी कठिनता से मिलता है। अनुशासित जीवन जरूरी है। अपने लक्ष्य को लेकर चलेंगे तो सफलता जरूर मिलती है। भक्ति के मार्ग में कठिनाइयां भी आती है। लेकिन, मन में आस्था-विश्वास जरूरी है। जैन धर्म का पालन भी बहुत कठिन होता है। शरीर को चलाने के लिए तप की आवश्यकता होती है। तप एक साधना है और साधना करने के लिए

बहुत कुछ खोना पड़ता है, जिससे अपनी इंद्रियों को वश में करने वाला इंद्रजीत कहलाता है। उन्होेंने कहा कि महावीर स्वामी ने विहार के माध्यम से लोगों को जागरूक किया, हम भी उन्हीं के पदचिन्हों पर चलकर विहार के माध्यम से सबको जागरूक कर रहे हैं। धर्मसभा में चिन्मयसागर महाराज ने अपने उदगार में कहा कि जादूगर हाथ की सफाई दिखाता है और संत दिल की सफाई करता है। संत देने का ही कार्य करता है। भक्त-श्रद्धालु-साधक में लालसा होनी चाहिए कि वह संत से कितना ज्ञान प्राप्त कर सकता है।

श्रीमहावीरजी में मस्तकाभिषेक आचार्य श्री के सानिध्य मे होगा इन मांगलिक बेला मे आचार्य श्री ने कहा कर्नाटक से 13 हजार 500 किलोमीटर की यात्रा कर आचार्य संघ श्री मुनिसुव्रतनाथ स्वामी की नगरी में पहुंचा है। आपको बता दे श्रीमहावीरजी में भगवान महावीर की अतिशयकारी प्रतिमा का 24 साल बाद महामस्तकाभिषेक होने जा रहा है। यह भव्य आयोजन 24 नवंबर से शुरू होगा। इसके तहत पहले 24 नवंबर से पंचकल्याणक महोत्सव होगा और फिर 4 दिसंबर तक महामस्तकाभिषेक होंगे। इसके पहले 1998 में आचार्य श्रीविद्यानंद जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन हुआ था। इस बार आचार्य वर्धमानसागर महाराज के सानिध्य में यह आयोजन होगा। इसे हम सभी एक मंगल संयोग ही कहेगे की श्रीमहावीरजी में ही 18 वर्ष की आयु में 1969 में आचार्यश्री की दीक्षा हुई थी। वही इस बेला मे आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन का सौभाग्य गुवाहाटी से आए भागचंद जैन परिवार को मिला।, वही आचार्य श्री के दर्शनार्थ देशभर से भक्त आए जिसमे गुवाहटी, मुंबई, इंदौर, कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, रामगंजमंड़ी, तालेड़ा, कापरेन, लाखेरी, खटकड़, नैनवां, हिंडाैली सहित कई स्थानों से श्रावक पहुंचे। यह गणमान्य अतिथि मोजूद रहे इन मांगलिक पलो मे क्षेत्रीय विधायक चंद्रकांता मेघवाल, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, चेयरमैन कन्हैया कराड़ ने भी धर्मसभा में आकर महाराजश्री से आशीर्वाद लिया। वही अतिशय क्षेत्र कमेटी अध्यक्ष गुलाबचंद जैन चूनावाला एवम समिति पदाधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन किया। इस दौरान प्रबंध कार्यकारिणी, युवा-महिला मंडल आदि सम्मलित रहे। संकलन अभिषेक जैन लुहाड़ीया रामगंजमंडी
