इस दृश्य को देखकर समझ आ गया कि सच बेटो से बढ़कर बेटियांँ होती है
इस दृश्य को देखकर समझ आ गया कि सच बेटो से बढ़कर बेटियांँ होती है पनागर जो क्षण जो वाकया आज सभी के सामने परिलक्षित है। वह यह काव्य रचना को सार्थक रूप देता है कि ओस एक बूंद सी होती है बेटियां, जरा भी दर्द हो तो रोती है बेटियां हीरा अगर है बेटा तो […]
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