नीति आयोग को मिला नया नेतृत्व: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन बने नए CEO, जानिए उनका प्रशासनिक सफर

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नीति आयोग को मिला नया नेतृत्व: मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन बने नए CEO, जानिए उनका प्रशासनिक सफर

 

नई दिल्ली।

केंद्र सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अनुराग जैन को देश के प्रमुख नीति निर्धारण संस्थान नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वर्तमान में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत अनुराग जैन 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के अनुभवी आईएएस अधिकारी हैं और उन्हें लगभग चार दशकों के प्रशासनिक अनुभव का लाभ प्राप्त है।

 

 

सरकार के आदेश के अनुसार, अनुराग जैन का कार्यकाल पदभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा। वे अपनी विस्तारित सेवा अवधि की समाप्ति तक तथा उसके बाद अधिकतम दो वर्ष या अगले आदेश तक नीति आयोग के CEO के रूप में कार्य करेंगे।

 

निधि छिब्बर का लेंगे स्थान

अनुराग जैन, निधि छिब्बर का स्थान लेंगे, जो इस वर्ष फरवरी से अतिरिक्त प्रभार के रूप में नीति आयोग के CEO की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। वह वर्तमान में आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (DMEO) की महानिदेशक भी हैं। इससे पहले पूर्व CEO बी.वी.आर. सुब्रमण्यम के पदमुक्त होने के बाद उन्हें यह अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया था।

 

कौन हैं अनुराग जैन?

 

अनुराग जैन 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने अपने लंबे प्रशासनिक करियर में केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार में अनेक महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। उन्हें 3 अक्टूबर 2024 को मध्य प्रदेश का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया था। वर्ष 2025 में सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार भी दिया गया।

 

हालांकि उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2026 तक निर्धारित था, लेकिन उससे पहले ही केंद्र सरकार ने उन्हें देश की विकास नीति और रणनीति तैयार करने वाले सर्वोच्च संस्थान नीति आयोग का CEO नियुक्त कर नई जिम्मेदारी सौंप दी।

 

देश की विकास नीतियों में निभाएंगे अहम भूमिका

नीति आयोग के CEO के रूप में अनुराग जैन केंद्र सरकार की विकास योजनाओं, आर्थिक सुधारों, राज्यों के साथ समन्वय और “विकसित भारत” के विज़न को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक अनुभव और नीति निर्माण में दक्षता के आधार पर एक महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

 

 

 

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