प्राणी मात्र के सुख दुख का कारण अज्ञानता है -मुनिश्री विलोकसागर

प्राणी मात्र के सुख दुख का कारण अज्ञानता है -मुनिश्री विलोकसागर मुरैना इस असार संसार में करोड़ो की संख्या में प्राणी जीवन यापन करते है। हम देखते है कि कुछ व्यक्ति सुख का अनुभव करते हैं और कुछ व्यक्ति दुख का अनुभव करते है । कुछ की प्रशंसा होती है, कुछ की आलोचना होती है […]

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अंतर्मना प्रसन्न सागर महाराज के दर्शन हेतु सुप्रसिद्ध रामकथा वाचक मुरारी बापू पहुंचे इंडिया नहीं भारत बोलो प्रसन्न सागर महाराज

अंतर्मना प्रसन्न सागर महाराज के दर्शन हेतु सुप्रसिद्ध रामकथा वाचक मुरारी बापू पहुंचे इंडिया नहीं भारत बोलो प्रसन्न सागर महाराज चमोली अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज उत्तराखंड में बद्रीनाथ से हरिद्वार के लिए विहार कर रहे हैं उनकी अष्टापद की यात्रा हुई पूर्ण शुक्रवार को सुप्रसिद्ध राम कथा वाचक मुरारी_बापू पहुचे अंतर्मना गुरुदेव के […]

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15 वर्षो के बाद आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज का हो रहा है उज्जैन में आगमन

15 वर्षो के बाद आचार्य श्री विशुद्ध सागर महाराज का हो रहा है उज्जैन में आगमन उज्जैन भगवान महावीर की तपोस्थली धर्मनगरी उज्जैन में इतिहास बनने जा रहा है।   जी हा उज्जैन नगर की पावन धरा पर, चर्या शिरोमणी, महा तपस्वी, सरस्वती पुत्र, धरती के देवता, समयसार के मूर्त रूप, कुंदकुंद के लघुनंदन, अद्वितीय […]

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अद्भुत चित्रकारी जिसमें होते अध्यात्म के दर्शन

अद्भुत चित्रकारी जिसमें होते अध्यात्म के दर्शन श्री महावीरजी देश के मशहूर कला संपादक ,वरिष्ठ पत्रकार और अनूठे चित्रकार श्री जैन कमल ने णमोकार मंत्र पर विश्व की ऐसी पहली पेंटिंग बनायी है जिसमें अक्षर और रंगों से ब्रह्म को पाने की आध्यात्मिक चित्रकारी की गयी है और इस नायाब पेंटिंग को राजस्थान के करौली […]

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8 कर्मों के नष्ट होने पर अनंत दर्शन, ज्ञान,सुख और वीर्य आदि 8 गुण प्रगट होते हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी

8 कर्मों के नष्ट होने पर अनंत दर्शन, ज्ञान,सुख और वीर्य आदि 8 गुण प्रगट होते हैआचार्य श्री वर्धमान सागर जी जावद आचार्य श्री वर्धमान सागर जी 36 साधुओं सहित जावद विराजित है  उपदेश में बताया कि संसारी प्राणी चार प्रकार की संज्ञाओं से ग्रसित होकर शाश्वत ज्ञान से विमुख है ,ज्ञान आत्मा का स्वभाव […]

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धर्म के प्रभाव से जहर भी अमृत बन जाता है-मुनिश्री विलोकसागर* श्री सिद्धचक्र विधान में 512 अर्घ समर्पित

धर्म के प्रभाव से जहर भी अमृत बन जाता है-मुनिश्री विलोकसागर* श्री सिद्धचक्र विधान में 512 अर्घ समर्पित मुरैना  सांसारिक प्राणी धर्म को यहां वहां ढूंढता फिरता है । वह धर्म को मंदिरों में, पहाड़ों में तलाशता है । लेकिन धर्म कहां है, धर्म तो प्राणी मात्र के अंदर है । प्रत्येक प्राणी के हृदय […]

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अंधविश्वास आत्मविश्वास को कमजोर करता है प्रमाण सागर महाराज

अंधविश्वास आत्मविश्वास को कमजोर करता है प्रमाण सागर महाराज भोपाल “विश्वास हमारी ताकत है,तो अंधविश्वास हमारी कमजोरी,जिन बातों से हमारी धार्मिक निष्ठा,हमारी आस्था का कोई संबंध नहीं है,उसे धर्म मानकर, करना ही अंधविश्वास है” उपरोक्त उदगार राष्ट्रीय संत शंका समाधान के प्रणेता मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने “अ” अक्षर तथा नकारात्मक शब्दों से शुरु […]

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इन दो बातों में दिमाग मत लगाओ एक अपने दुख में और दूसरा पड़ोसी के सुख में शायद जीना आसान हो जाये प्रसन्न सागर महाराज

इन दो बातों में दिमाग मत लगाओ एक अपने दुख में और दूसरा पड़ोसी के सुख में शायद जीना आसान हो जाये प्रसन्न सागर महाराज मैथना अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज का विहार बद्रीनाथ से हरिद्वार के लिए चल रहा है आचार्य श्री संघ ने 92km दुरी तय की हैं। विहार निरंतर चल रहा […]

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पोरवाड़ सहायक फंड: शिक्षा, चिकित्सा और जीवन यापन में जरूरतमंदों का सहारा

पोरवाड़ सहायक फंड: शिक्षा, चिकित्सा और जीवन यापन में जरूरतमंदों का सहारा इंदौर: पोरवाड़ सहायक फंड पिछले 90 वर्षों से समाज के जरूरतमंद लोगों की शिक्षा, चिकित्सा और जीवन यापन के क्षेत्र में लगातार सहायता कर रही है। सहयोग विभाग के मुख्य समन्वयक और विभागाध्यक्ष मनीष जैन इटावदी ने बताया कि यह संगठन নিঃस्वार्थ भाव […]

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संस्कृति रक्षा के लिए निस्वार्थ सेवा व पुराने संस्कार जरूरी हैं : निर्भय सागर

संस्कृति रक्षा के लिए निस्वार्थ सेवा व पुराने संस्कार जरूरी हैं : निर्भय सागर सागर तपोवन तीर्थ में चातुर्मास औरपंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न कराने के बाद आचार्य निर्भय सागर महाराज का मंगल विहार कर्रापुर के लिए हुआ।   शुक्रवार को सुबह 7 बजे अपनी जन्मस्थली धवौली में मंगल प्रवेश होगा। धवौली में शांति विधान, शिखर शुद्धिऔर […]

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