अहिंसा से ही विश्व मैत्री संभव है परस्पर सहयोग समन्वय विनय की भावना से ही एकता हो सकती है विशुद्ध सागर महाराज
अहिंसा से ही विश्व मैत्री संभव है परस्पर सहयोग समन्वय विनय की भावना से ही एकता हो सकती है विशुद्ध सागर महाराज उज्जैन अहिंसा ही सर्वश्रेष्ठ धर्म है। प्राणी मात्र केसुख शांति का द्वार धर्म है। धर्म ही मंगल है,धर्म ही उत्तम है, धर्म ही शरण है, धर्म ही मुक्ति का उपाय है। जो उत्तम […]
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