परम पूज्य मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने किया केशलोच
भोपाल
संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागर जी महा मुनि महाराज के परम प्रभावक शिष्य ,प्रखर वक्ता , प्रामाणिक संत मुनिश्री प्रमाणसागर जी महाराज ने प्रातःकाल केश-लोंच किया।
प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया”केशलोंच” जैन धर्म में साधु-संतों द्वारा की जाने वाली एक कठिन तपस्या है, जिसमें वे अपने हाथों से सिर, मूंछ और दाढ़ी के बालों को उखाड़ते हैं. इस प्रक्रिया को संयम, अहिंसा और स्वावलंबन की भावना तथाअहिंसा धर्म का पालन करने और स्वावलंबी बनने के लिए करते हैं,

केशलोंच करते समय, साधु कंडे की राख का उपयोग करते हैं ताकि पसीने से हाथ न फिसलें और खून निकलने पर ज़्यादा न निकले, केशलोंच करते समय,एक मुनि का भाव कर्म निर्जरा का होता है और वह उस दर्द को सहन करते है,तथाकेशलोंच कर उपवास रखते हैं
ताकि केशों के लुंचन से बालों में मौजूद जीवों का कष्ट या घात हुआ हो उसका प्रायश्चित हो सके।
मुनि श्री प्रत्येक दो माह में उत्कृष्ट चर्या के साथ अपना केशलोंच करते है।
अविनाश जैन विद्यावाणी) से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312




