गणिनी आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माताजी के बढ़ते कदम भोपाल की ओर आहारचर्या शाजापुर में संपन्न हुई

गणिनी आर्यिका श्री सृष्टि भूषण माताजी के बढ़ते कदम भोपाल की ओर आहारचर्या शाजापुर में संपन्न हुई शाजापुर परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 सृष्टिभूषण माताजी ससंघ का मंगल विहार मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की ओर चल रहा है।   बुधवार की बेला में माताजी संघ का मंगल आगमन शाजापुर श्री 1008 आदिनाथ दिगम्बर […]

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पतंजलि योगपीठ के श्री बालकृष्ण आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज के दर्शन हेतु पधारे समस्या का समाधान तो चिंतन में है प्रसन्न सागर महाराज

पतंजलि योगपीठ के श्री बालकृष्ण आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज के दर्शन हेतु पधारे समस्या का समाधान तो चिंतन में है प्रसन्न सागर महाराज हरिद्वार अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज की उत्तराखण्ड के बद्रीनाथ से हरिद्वार तरुणसागरम अहिंसा संस्कार पदयात्रा चल रही है।   अनुपम पलो में श्री दिगम्बर जैन मंदिर ललतारो पुल हरिद्वार […]

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मनुष्य जीवन चिंतामणि रत्न के समान कीमती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी

मनुष्य जीवन चिंतामणि रत्न के समान कीमती है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी झांतला सिंगोली तीर्थंकर ,जिनवाणी की देशना यही है कि आप धर्म पूर्वक अर्थ पुरुषार्थ करें तभी मोक्ष पुरुषार्थ का ध्येय प्राप्त होगा ।भगवान की भक्ति सच्चे मन से करने पर जन्म मरण आवागमन रूपी दुख दूर होते हैं, उससे छुटकारा मिलता है। […]

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समझदार लोग न बुराई करते हैं न बुराई सुनते हैं जिस प्रकार गाड़ी से धुआं पीछे से निकलता है इस प्रकार बुराई करने वाले लोग हमेशा पीछे रह जाते हैं आदित्य सागर महाराज

समझदार लोग न बुराई करते हैं न बुराई सुनते हैं जिस प्रकार गाड़ी से धुआं पीछे से निकलता है इस प्रकार बुराई करने वाले लोग हमेशा पीछे रह जाते हैं आदित्य सागर महाराज मिश्रौली परम पूज्य श्रुत संवेगी मुनि श्री आदित्य सागर महाराज ने मंगल प्रवचन देते हुए दूसरों की बुराई न करने की सीख […]

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आत्मज्ञानी एक मात्र आत्महित कार्य करते हैं विशुद्ध सागर महाराज

आत्मज्ञानी एक मात्र आत्महित कार्य करते हैं विशुद्ध सागर महाराज उज्जैन दुनिया में कौन सी वस्तु सुंदर है और कौन सी वस्तु असुंदर है। न कोई वस्तु सुंदर है, जिस वस्तु या व्यक्ति सेहमारी राग की पुष्टि होती है, वह हमें प्रिय लगती है और जिससे हमारेराग की पूर्ति नहीं होती है, वह हमेंअप्रिय लगती […]

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जैन धार्मिक संस्कार शिक्षण शिविर का हुआ शुभारंभ महासमिति संस्कार शिक्षण शिविरों में बच्चों का भारी उत्साहदिगम्बर जैन महासमिति महिला अंचल, ईकाई, एवं जैन पाठशालाओ के मार्ग निर्देशन में

जैन धार्मिक संस्कार शिक्षण शिविर का हुआ शुभारंभ महासमिति संस्कार शिक्षण शिविरों में बच्चों का भारी उत्साहदिगम्बर जैन महासमिति महिला अंचल, ईकाई, एवं जैन पाठशालाओ के मार्ग निर्देशन में निवाई – आर्यिका विशेष मति माताजी के सानिध्य में नसियां जैन मंदिर बड़ा जैन मंदिर सहित शहर के 6 स्थानों पर दिगम्बर जैन महासमिति महिला अंचल […]

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फागी कस्बे में विराजमान भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विशुद्ध मति माताजी स संघ के पावन सानिध्य आठ दिवसीय संस्कारो दय धार्मिक संस्कार शिक्षण शिविर का हुआ शुभारंभ

फागी कस्बे में विराजमान भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विशुद्ध मति माताजी स संघ के पावन सानिध्य आठ दिवसीय संस्कारो दय धार्मिक संस्कार शिक्षण शिविर का हुआ शुभारंभ फागी फागी कस्बे में विराजमान आचार्य निर्मल सागर महाराज की सुयोग्य शिष्या भारत गौरव गणिनी आर्यिका रत्न 105 विशुद्ध मति माताजी संघ के पावन सानिध्य में […]

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वर्तमान स्थितियों को देखते हुए क्या वास्तविक रूप से जैन अनुयायी नगण्य हो जाएंगे* संजय जैन बड़जात्या

*वर्तमान स्थितियों को देखते हुए क्या वास्तविक रूप से जैन अनुयायी नगण्य हो जाएंगे* संजय जैन बड़जात्या *सन्तों व श्रावको को चिंतन, मनन व मंथन कर भावी योजनाएं बनानी चाहिए*जैन धर्मावलंबियों की संख्या लगातार कम होती जा रही है यह जनगणना के आंकड़े व्यक्त करते हैं। वास्तविक रूप से क्या आंकड़े हैं इसका अंदाजा लगाना […]

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मुकमाटी अर्थज्ञान एवं शिक्षण शिविर में दिख रहा उत्साह बच्चों को धार्मिक अध्ययन के साथ क्राफ्ट एवं आर्ट का भी दिया जा रहा है प्रशिक्षण

मुकमाटी अर्थज्ञान एवं शिक्षण शिविर में दिख रहा उत्साह बच्चों को धार्मिक अध्ययन के साथ क्राफ्ट एवं आर्ट का भी दिया जा रहा है प्रशिक्षण रामगंजमंडी रामगंजमंडी नगर में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मूकमाटी अर्थज्ञान एवं शिक्षण शिविर लगाया गया है जो 17 मई से अनवरत जारी है जिसका समापन 26 मई […]

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ईर्ष्या वह अग्नि है जो स्व पर को जलाकर भस्म कर देती है विशुद्ध सागर महाराज

ईर्ष्या वह अग्नि है जो स्व पर को जलाकर भस्म कर देती है विशुद्ध सागर महाराज उज्जैन ईर्ष्या वह अग्नि है जो स्व पर को जलाकर भस्म कर देती है। ईर्ष्यालु को गुणियों में भी गुण दिखाई नहीं देते। ईर्ष्यालु दूसरों की उन्नति को देख ही नहीं पाता है। सुखद जीवन जीना है, तो ईर्ष्या […]

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