पतंजलि योगपीठ के श्री बालकृष्ण आचार्य श्री प्रसन्न सागर महाराज के दर्शन हेतु पधारे समस्या का समाधान तो चिंतन में है प्रसन्न सागर महाराज
हरिद्वार
अन्तर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज की उत्तराखण्ड के बद्रीनाथ से हरिद्वार तरुणसागरम अहिंसा संस्कार पदयात्रा चल रही है।
अनुपम पलो में श्री दिगम्बर जैन मंदिर ललतारो पुल हरिद्वार उत्तराखंड आयुर्वेद केन्द्र पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष आचार्य बालकृष्ण जी आचार्य गुरुदेव के दर्शनाथ हेतु पधारे! एवं श्रीफल भेंट कर पतंजलि योग पीठ आगमन हेतु निवेदन किया।
गुरु भक्तों को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि
चिंता चिता है, चिंता किसी समस्या का समाधान नहीं है.. समस्या का समाधान तो चिंतन में है..!
उन्होंने कहा तुम अपना थोड़ा सा चिंतन बदल लो, बस तुम्हारे दु:ख खत्म हो जाएंगे। जीवन में दु:ख है कहाँ और यदि थोड़ा बहुत है भी तो, उसमें से तुम सुख खोज लो,, दु:ख में से सुख खोजा जा सकता है। दु:ख में से सुख खोजने की एक कला है, वह कला तुम्हें सीखनी होगी। मैं वही कला तो सिखा रहा हूँ,, ऐसा कोई दु:ख नहीं है जिसमें थोड़ा बहुत सुख ना हो। बड़े-बड़े दु:खों में छोटे-छोटे सुख छुपे होते हैं, क्योंकि *जो मिल ना सका या फिर जो खो गया, उसके लिये जिन्दगी भर शोक करना फिजूल का पागल पन है। जो कुछ बचा है या फिर *जो मिला है, उसका उपभोग करो, उसका सुख भोगो, इसी में समझदारी है। इससे पीड़ा कम होगी, खुशियाँ बढ़ेगी। दो दांत यदि टूट गये, जो तीस बाकी है, उनसे काम लो, उनका सम्मान करो। दो की याद में शेष तीस को भूल जाना ही पागल पन है।
इसलिए –जो है सो है..बस इससे ही जीवन में आनंद भर जाएगा…!!!नरेंद्र अजमेरा पियुष कासलीवाल औरंगाबाद से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312






