अहंकार इतना बढ़ गया है कि हम धार्मिक स्थल परभी पहुंचकर अपने अहंकार की पुष्टि करना चाहते हैं मुनि श्री सुधासागर महाराज
अहंकार इतना बढ़ गया है कि हम धार्मिक स्थल परभी पहुंचकर अपने अहंकार की पुष्टि करना चाहते हैं मुनि श्री सुधासागर महाराज अशोकनगर पाप रोकने के लिए पाप करना पड़े तो गुनाह नहीं है। पापियों को न्यायालय सजा देता है। न्यायालय में बैठे न्यायाधीश भी तो मनुष्य ही हैं, किन्तु पाप रोकने के लिए वे […]
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