आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को राजस्थान का राजकीय अतिथि घोषित किया गया इससे समाज में हर्ष व्याप्त
टोंक प्रथमाचार्य चारित्र चक्रवर्ती आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज की अक्षुण्ण मूल बाल ब्रह्मचारी पट्ट परंपरा की पंचम पट्टाधीश आचार्य श्री वर्धमान सागर जी अपने संयम साधना जीवन का 57 वा वर्षायोग टोंक नगर में 35 साधुओ सहित कर रहे हैं। सन 1950 में जन्मे श्री यशवंत जी ने आचार्य श्री धर्मसागर जी से 24 फरवरी सन 1969 में मुनि दीक्षा ग्रहण कर मुनि श्री वर्धमान सागर जी बने ।चतुर्थ पट्टाधीश आचार्य श्री अजीतसागर जी के आदेश से 24 जून 1990 को आचार्य पद पर आसीन हुए। 75 वर्षीय आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को राजस्थान शासन ने अपने पत्र दिनांक 4 अगस्त 2025 अनुसार राजस्थान का राजकीय अतिथि घोषित कर जैन समाज की भावनाओं को सम्मान दिया हैं।इसके पूर्व वर्ष 2022 में भी आचार्य श्री वर्धमान सागर जी को तत्कालीन राजस्थान सरकार ने राजकीय अतिथि घोषित किया था। आप के प्रमुख सानिध्य में 1008 श्री बाहुबली भगवान का 12 वर्षीय महामस्तकाभिषेक वर्ष 1993,वर्ष 2006 ओर वर्ष 2018 में संपन्न हुआ हैं। अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी में वर्ष 2022 में 24 वर्षों बाद श्री महावीर स्वामी का महामस्तकाभिषेक आपके सानिध्य में हुआ। आपने अभी तक 117 भव्य जीवो को संयम दीक्षा दी। दिगम्बर जैन समाज के अध्यक्ष ,महामंत्री एवं चातुर्मास समिति के अनेक पदाधिकारियों ने राजस्थान के मुख्यमंत्री जी ,क्षेत्रीय सांसद, जिला पंचायत प्रमुख श्रीमती बंसल सहित अनेक राजनेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया
राजस्थान शासन द्वारा आचार्य श्री को स्टेट गेस्ट राजकीय अतिथि का पत्र निवाई पीपलू के विधायक राम साहू जी वर्मा, भाजपा जिला अध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ,टोंक जिला प्रमुख सरोज नरेश बंसल ,पूर्व सभापति लक्ष्मी देवी जैन, जिला मंत्री बीना जैन छामुनिया अमित छामुनिया एवं विनायक कल्ली द्वारा दिया गया
राजेश पंचोलिया इंदौर से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312



