प्रतिदिन स्वाध्याय,चिंतन और मनन करो- मुनि श्री दुर्लभ सागर जी

धर्म

 प्रतिदिन स्वाध्याय,चिंतन और मनन करो- मुनि श्री दुर्लभ सागर जी

आरोन। अपने जीवन में अच्छे कार्यों को करते रहिए। अच्छे संस्कारों को बार बार पुनर्स्थापित करें । बार-बार सकारात्मक प्रयास करें। क्योंकि आपके साथ अनेक भवों से जो संस्कार जुड़े हुए हैं,वह ऐसे ही नहीं जाएंगे। आपको उन संस्कारों को सद संस्कारों में परिवर्तित करने के लिए निरंतर प्रयास करना होगा।

 

 

 

पूज्य मुनि श्री दुर्लभ सागर जी महाराज ने उक्ताशय की धर्म देशना बड़ा जैन मन्दिर में आयोजित धर्म सभा में श्रावकों को संस्कारों के महत्व को रेखांकित करते हुए दिए।


मुनि श्री ने कहाकि मान लीजिए आप पर एक घड़ा है और उसमें पानी भर दिया है।और आप चाहते हैं कि उस मटके का रंग परिवर्तित हो जाए अथवा उसका जो रंग है वह दूर हो जाए। लेकिन क्या एक बार मटके में पानी भरने से उस मटके का रंग दूर हो सकता है नहीं। यदि आपको उस मटके का रंग,उस घड़े का रंग उस पात्र पर से हटाना है तो उस मटके में आपको बार-बार पानी भरना होगा। आपको उस घड़े में बार-बार पानी भरने का उपक्रम करना होगा । और आप लगातार यदि यह पानी भरने की प्रक्रिया अपनाएंगे तो एक दिन उस मटके का रंग उस मटके से निकल जाएगा। ऐसे ही प्रतिदिन अच्छे-अच्छे विचारों को सुनो स्वाध्याय करो। चिंतन करो। प्रतिदिन अच्छे आचार विचारों को आत्मसात करो।क्योंकि हम जो बोलते हैं और जो सुनते हैं उसी से हमारे संस्कार बनते चले जाते हैं।

 

आप प्रतिदिन अच्छे कार्यों को अपने आचरण में लाने का प्रयास करो। एक दिन यही विचार सकारात्मक रूप से आपका जीवन बदल देंगे।
चातुर्मास कमेटी के प्रचार मंत्री सुनील झंडा ने बताया कि प्रतिदिन होने वाली आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज की पूजन का सौभाग्य मंगलवार को श्री मांगीलाल जैन कैलाश जैन देवेंद्र जैन पंकज जैन मोनू जैन उनारसी परिवार को प्राप्त हुआ। एवं पुण्यानुभूति पुण्यार्जक बनने का सौभाग्य प्रकाशचंद जैन,नरेंद्र जैन,विजय जैन,मोनू भाईजी, मुकेश जैन,अर्चित जैन झंडा, योगेन्द्र जैन,सीमा जैन आनंदपुर को प्राप्त हुआ।

सुनील जैन झंडा आरोन से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

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