गोलोक धाम चाकसू में होगा जैन विचारकों का महासम्मेलन 29 नवंबर को

गोलोक धाम चाकसू में होगा जैन विचारकों का महासम्मेलन 29 नवंबर को   महावीर स्वामी शासन काल में राजा श्रेणिक अब तक के सबसे बड़े पत्रकार —-आचार्य प्रज्ञा सागर   जयपुर 6 नवंबर 2026। परम पूज्य आचार्य श्री प्रज्ञासागर जी महाराज ससंघ का चातुर्मास गोलोक धाम चाकसू,जयपुर में चल रहा है। चातुर्मास स्थापना से अब […]

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सफलता की दौड़ में कहीं स्वयं को ही न खो दें – अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज

सफलता की दौड़ में कहीं स्वयं को ही न खो दें – अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागरजी महाराज दूसरों से आगे निकलने की होड़ में सुख, शांति और परिवार को न भूलें; सफलता के साथ आत्मसंतोष भी जरूरी – आचार्य श्री  (पुष्पगिरी तीर्थ सोनकच्छ)। परम पूज्य पुष्पगिरी तीर्थ प्रणेता गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागरजी महाराज के […]

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1890 की तस्वीर में कैद सांगानेर जैन मंदिर की गौरवशाली विरासत, मुनि सुधासागर महाराज की प्रेरणा से हुआ ऐतिहासिक जिनालय का जीर्णोद्धार

1890 की तस्वीर में कैद सांगानेर जैन मंदिर की गौरवशाली विरासत, मुनि सुधासागर महाराज की प्रेरणा से हुआ ऐतिहासिक जिनालय का जीर्णोद्धार जयपुर।  राजस्थान की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत में सांगानेर स्थित श्री ऋषभदेव दिगंबर जैन जिनालय का विशेष स्थान है। इस प्राचीन जिनालय की करीब 1890 की बताई जा रही एक दुर्लभ तस्वीर सामने […]

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दूषण नहीं, भूषण बनें; बुरा मत सोचो, अच्छे विचार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज*

दूषण नहीं, भूषण बनें; बुरा मत सोचो, अच्छे विचार ही जीवन के वास्तविक आभूषण हैं : निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर महाराज* कुण्डलपुर।  सिद्धक्षेत्र कुण्डलपुर में निर्यापक श्रमण मुनि श्री समतासागर जी महाराज ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा कि चातुर्मास में साधक की बाहरी यात्रा भले ही रुक जाती है, लेकिन उसकी अंतरयात्रा […]

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सागानेर संस्थान की छात्राएँ पहुँचीं आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी गुरुदेव के चरणों में, मिला पुण्य और धर्म का संदेश*

*सागानेर संस्थान की छात्राएँ पहुँचीं आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी गुरुदेव के चरणों में, मिला पुण्य और धर्म का संदेश* नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर। सागानेर संस्थान की छात्राओं ने परम पूज्य आचार्य श्री 108 सुनील सागर जी गुरुदेव के चरणों में पहुँचकर उनका सान्निध्य एवं मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर गुरुदेव […]

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पुष्पगिरी तीर्थ में 7 नवंबर को होगा ‘हर मास, एक उपवास’ का 12वां महाआयोजन

पुष्पगिरी तीर्थ में 7 नवंबर को होगा ‘हर मास, एक उपवास’ का 12वां महाआयोजन पंडित विजय शंकर मेहता, सुलभ शांतु गुरुजी और आज तक के एंकर सईद अंसारी होंगे शामिल; दीपोत्सव प्रतिभा महोत्सव में तीन प्रतियोगिताएं, विजेताओं को मिलेंगे 21 हजार तक के पुरस्कार सोनकच्छ (मध्यप्रदेश)। धर्म, अध्यात्म, संस्कार और सामाजिक जागरूकता के संदेश को […]

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शरीर साधना का माध्यम है, अंतिम लक्ष्य नहीं; शरीर के मोह में आत्मा को भूल जाना मनुष्य की सबसे बड़ी भूल : स्वस्तिभूषण माताजी

शरीर साधना का माध्यम है, अंतिम लक्ष्य नहीं; शरीर के मोह में आत्मा को भूल जाना मनुष्य की सबसे बड़ी भूल : स्वस्तिभूषण माताजी केशवरायपाटन। मनुष्य जीवनभर अपने शरीर को सुंदर बनाने, सुख-सुविधाएं जुटाने और मान-सम्मान पाने में लगा रहता है, लेकिन इस भागदौड़ में वह उस आत्मा को ही भूल जाता है, जिसके कारण […]

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सांसारिक मोह-माया त्यागने जा रहीं पांच बहनों का बड़नगर में भव्य स्वागत, दीक्षार्थियों की उच्च शिक्षा और वैराग्य की भावना ने किया सभी को भावविभोर

सांसारिक मोह-माया त्यागने जा रहीं पांच बहनों का बड़नगर में भव्य स्वागत,  दीक्षार्थियों की उच्च शिक्षा और वैराग्य की भावना ने किया सभी को भावविभोर लाखों के पैकेज और प्रतिष्ठित करियर को छोड़ चुना संयम का मार्ग, 22 नवंबर को सोनागिरि सिद्धक्षेत्र में आर्यिका दीक्षा लेंगी पांचों बहनें बड़नगर  संसार की चकाचौंध, सुख-सुविधाओं और सांसारिक […]

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सल्लेखना आत्महत्या नहीं, आत्मकल्याण की उत्कृष्ट साधना है : मुनि श्री योगसागर जी महाराज

सल्लेखना आत्महत्या नहीं, आत्मकल्याण की उत्कृष्ट साधना है : मुनि श्री योगसागर जी महाराज रत्नकरण्ड श्रावकाचार के श्लोक 126 एवं 127 पर प्रवचन; कषायों को क्षीण कर समताभाव पुष्ट करने की दी प्रेरणा कोटा, 4 नवंबर 2026, बुधवार। श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी, दादाबाड़ी में परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 योगसागर जी […]

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विकारों की सफाई ही सच्ची सफाई, सद्गुणों की कमाई ही सच्ची कमाई : आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज*

*विकारों की सफाई ही सच्ची सफाई, सद्गुणों की कमाई ही सच्ची कमाई : आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज* नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर। गुरुदेव ने कहा धन-दौलत और भौतिक सुख-सुविधाओं को ही जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि मान लेना मनुष्य की सबसे बड़ी भूल है। वास्तविक संपत्ति न तो सोना-चाँदी है और न ही ऊँचे महल […]

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