तीर्थंकर भगवान दीक्षा लेते ही मन पर्यय ज्ञान के धारी होते हे।तीर्थंकर भगवान का जन्म होता हैं किन्तु संसारी प्राणी की भांति जरा बुढ़ापा ओर मृत्यु नही होती वैराग्य दीक्षा तप से मोक्ष जाते है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी
तीर्थंकर भगवान दीक्षा लेते ही मन पर्यय ज्ञान के धारी होते हे।तीर्थंकर भगवान का जन्म होता हैं किन्तु संसारी प्राणी की भांति जरा बुढ़ापा ओर मृत्यु नही होती वैराग्य दीक्षा तप से मोक्ष जाते है आचार्य श्री वर्धमान सागर जी पीपल्दा 30 नवंबर (राजेश पंचोलिया इंदौर) आचार्य श्री वर्धमान सागर जी संघ सानिध्य में श्रीमदजिनेंद्र पंच […]
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