निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधा सागर महाराज के द्वारा 10000 बच्चों का होगा मौजी बंधन संस्कार 17 को

निर्यापक श्रमण मुनि श्री सुधा सागर महाराज के द्वारा 10000 बच्चों का होगा मौजी बंधन संस्कार 17 को सागर आचार्य भगवंत आचार्य भगवन विद्यासागर जी महाराज के 52 वें आचार्य पदारोहण दिवस पर नवाचार्य 108 श्री समय सागर जी के आशीर्वाद एवम निर्यापक श्रमण पूज्य मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर जी महाराज के ससंघ […]

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छबड़ा नगर के अतिशय जैन शास्त्री ने मुनि श्री सुधा सागर महाराज के सानिध्य में समयसार ग्रंथ की परीक्षा में किया द्वितीय स्थान प्राप्त

छबड़ा नगर के अतिशय जैन शास्त्री ने मुनि श्री सुधा सागर महाराज के सानिध्य में समयसार ग्रंथ की परीक्षा में किया द्वितीय स्थान प्राप्त छबड़ा राजस्थान प्रांत के हाडोती के छबड़ा कस्बे के युवा अतिशय जैन शास्त्री ने निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव 108 सुधा सागर महाराज के सानिध्य में 10 दिन भाग्योदय तीर्थ सागर में रहकर […]

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राजस्थान के सबसे बडे भगवान की मुर्ति का तिलकदान  मुनिसुव्रतनाथ भगवान व वागड का सगाई का दस्‍तुर हुआ ——- सुधासागरजी महाराज ,नौगामा के सुखोदय तीर्थ नसियाजी में विराजमान होगी प्रतिमा

राजस्थान के सबसे बडे भगवान की मुर्ति का तिलकदान  मुनिसुव्रतनाथ भगवान व वागड का सगाई का दस्‍तुर हुआ ——- सुधासागरजी महाराज ,नौगामा के सुखोदय तीर्थ नसियाजी में विराजमान होगी प्रतिमा नौगामा ।राजस्‍थान के सबसे बडे भगवान श्री मुनिसुव्रतनाथ की मुर्ति का सागर से रविवार को नौगामा के लिया विहार हुआ । शनि ग्रह अरिष्ट निवारक […]

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106 वर्षीय श्राविका ने सुधा सागर महाराज से लिया सल्लेखना व्रत इन्होंने आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज एवं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को ब्रह्मचर्य अवस्था में देखा था

106 वर्षीय श्राविका ने सुधा सागर महाराज से लिया सल्लेखना व्रत इन्होंने आचार्य श्री ज्ञान सागर महाराज एवं आचार्य श्री विद्यासागर महाराज को ब्रह्मचर्य अवस्था में देखा था सागर जहां पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव 108 श्री सुधा सागर महाराज विराजित होते हैं वहा अनेक कार्य ऐसे होते हैं जो इतिहास लिख जाते हैं एवं […]

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जब अपने पास संकल्प शक्ति हो तो अपन सारी सृष्टि को अपनी मुट्ठी में बांध सकते हैं सुधासागर महाराज

जब अपने पास संकल्प शक्ति हो तो अपन सारी सृष्टि को अपनी मुट्ठी में बांध सकते हैं सुधासागर महाराज भाग्योदय तीर्थक्षेत्र, सागर कोई भी क्रिया अच्छी बुरी नहीं होती, ये सृष्टि सापेक्षवाद के सिद्धान्त पर व्यवस्थित चल रही है तो सापेक्षवाद का सिद्धान्त है- ‘न यह सत्य है, न वह सत्य है, यह भी सत्य […]

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