तपस्या ही हमारे जीवन का अलंकार है प्रमाण सागर महाराज

तपस्या ही हमारे जीवन का अलंकार है प्रमाण सागर महाराज इंदौर “तपस्या ही हमारे जीवन का अलंकार है” जो व्यक्ति तप को धारण करता है,उसका जीवन तो अलंकृत होता ही है उनको अलंकृत करने वाले भी अलंकृत हो जाते है”     उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने मोहताभवन में आयोजित इंटरनेशनल एसोसिएशन […]

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अपने आप को जानने का भाव आना चाहिए तभी अपना कल्याण कर सकते हो प्रमाण सागर महाराज

अपने आप को जानने का भाव आना चाहिए तभी अपना कल्याण कर सकते हो प्रमाण सागर महाराज इंदौर प्रभु के दर्शन करते समय अपने आपको पहचानो प्रभु जो आप हो वही तो में हुं? अपने आपको जानने के भाव जागना चाहिये तभी आप अपना कल्याण कर सकते हो”     उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण […]

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विरली माताए होती है जो सु संतान, महापुरुषों तथा तीर्थकरों को जन्म देती है”प्रमाण सागर महाराज

, विरली माताए होती है जो सु संतान, महापुरुषों तथा तीर्थकरों को जन्म देती है”प्रमाण सागर महाराज इंदौर संतान को जन्म देने का सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता विरली माताऐं होती है जो सु संतान, महापुरुषों तथा तीर्थकरों को जन्म देती है”उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने “भक्तामर स्त्रोत्र” में छुपे रहस्यों […]

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व्यक्ति की समीक्षा नहीं होती है विचारों की समीक्षा होती है प्रमाण सागर महाराज

व्यक्ति की समीक्षा नहीं होती है विचारों की समीक्षा होती है प्रमाण सागर महाराज इंदौर। “व्यक्ति की समीक्षा नहीं होती विचारों की समीक्षा होती है” “जित देखूँ तित तू” यह भक्त की दृष्टि है,यदि वह अपने इष्ट को सर्वोच्च स्थान पर देखता है तो इसका मतलब यह नहीं कि, हमारे इष्ट ही सर्वश्रेष्ठ है, बाकी […]

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भगवान का रुप सौन्दर्य अपने स्वरुप सौन्दर्य की ओर ले जाता है जो राग का प्रतीक न होकर वैराग्य की ओर होता है”प्रमाण सागर महाराज

भगवान का रुप सौन्दर्य अपने स्वरुप सौन्दर्य की ओर ले जाता है जो राग का प्रतीक न होकर वैराग्य की ओर होता है”प्रमाण सागर महाराज इंदौर “तेरी सूरत से मिलती नहीं किसी की सूरत है, में जहा में तेरी तस्वीर लिये फिरता हुं” भगवान का रुप सौन्दर्य अपने स्वरुप सौन्दर्य की ओर ले जाता है […]

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जिसके हृदय में भगवान की भक्ती प्रकट हो जाती है,उसके मन के सभी संकल्प विकल्प शांत हो जाते हें, प्रमाण सागर महाराज

जिसके हृदय में भगवान की भक्ती प्रकट हो जाती है,उसके मन के सभी संकल्प विकल्प शांत हो जाते हें, प्रमाण सागर महाराज इंदौर जिसके हृदय में भगवान की भक्ती प्रकट हो जाती है,उसके मन के सभी संकल्प विकल्प शांत हो जाते हें,लेकिन जहा संकल्प विकल्पों के मगरमच्छ होते है वह कभी भव सागर को तो […]

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