स्मृति के पन्नों पर अंकित किरीट भाई पारीख ।
रामगंजमडी
कुछ ऐसे बिरले व्यक्तित्व होते है जो जन्म से मृत्यु तक अपने जीवन को महान बनाते है ऐसे ही महान व्यक्तित्व थे किरीट भाई हीराभाई पारीख जो एक कुशल उद्योगपति के साथ समाज सेवा परोपकार के प्रति सजग थे। अब वह दुनिया मे नही है लेकिन उनके जीवन का अंतिम कार्यक्रमो में से एक रहा उससे जुड़ी स्म्रति साँझा कर रहा हु। जो चित्र हमे गुजराती समाज के प्रमुख व्यक्तित्व में से एक बिपिन भाई ढेढी ने हमसे साँझा किए।
समय था 1मई 2022 का जब गुजराती समाज रामगंजमडी का स्थापना दिवस मनाया गया था तब भानपुरा पीठ शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानन्द जी भी पधारे। वही गुजराती समाज रामगंजमडी ने किरीट भाई द्वारा किए उनके गए कार्यो के प्रति उनका अभिनंदन किया गया आपको बता दे रामगंजमडी में गुजराती समाज की स्थापना 1मई 1946 को हुई थी तब वो अग्रणीय व्यक्तित्व में एक थे साथ मे उनके पिता श्री हीराभाई पारीख भी प्रमुख थे।
उनके उदगार

श्री किरीट भाई ने अपना उदबोधन भी दिया उन्होंने कहा आज यह जो गुजराती समाज का भवन है जो हमे हमारे पूर्वज हमे दे गए है उसका संरक्षण आपने किया आज इसे विशाल रूप दिया है आगे भी इसका संरक्षण करे। उन्होनें गुजराती समाज के कार्यो की भी भरी भूरी सराहना की

आज वो हमारे बीच नही है लेकिन उनकी यादे उनके कार्य सदा याद किये जाते रहेंगे।
अभिषेक जैन लुहाडिया रामगंजमडी
