कराटे प्रशिक्षण और नाटक के माध्यम से मोबाइल की अधिकता से दूर रहने और स्वस्थ जीवन के संदेश के साथ संपन्न हुआ बाल स्पंदन समर कैंप का तीसरा दिन

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कराटे प्रशिक्षण और नाटक के माध्यम से मोबाइल की अधिकता से दूर रहने और स्वस्थ जीवन के संदेश के साथ संपन्न हुआ बाल स्पंदन समर कैंप का तीसरा दिन

रामगंजमंडी।

गायत्री शक्तिपीठ रामगंजमंडी में आयोजित निःशुल्क बाल स्पंदन समर कैंप के तीसरे दिन बच्चों शिविर में बच्चों को भारतीय संस्कृति, रचनात्मकता, आत्मरक्षा एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण दिए गए।

 

 

कार्यक्रम की शुरुआत एंकर खुशबू जैन एवं भूपेन्द्र जैन द्वारा माँ सरस्वती की वंदना के साथ की गई। इसके पश्चात कवि अंजनी शर्मा ने बच्चों को कविता लेखन एवं रचनात्मक अभिव्यक्ति की जानकारी दी। ऋषिता जैन ने विशेष ध्यान सत्र के माध्यम से बच्चों की माइंड पावर बढ़ाने हेतु अभ्यास करवाए।

सेजल पोरवाल एवं गुनगुन पोरवाल ने बच्चों को राजस्थान की प्रसिद्ध पारंपरिक पिछवाई आर्ट बनाना सिखाया, जिसकी शुरुआत नाथद्वारा से मानी जाती है। बच्चों ने रंगों और कला के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

 

 

सुबह 8 बजे से 8:30 बजे तक नृत्य कोरियोग्राफर कशिश पेरिया ने “ऐ भारत माँ तेरी माटी से तेरा देश पहले” देशभक्ति गीत पर बच्चों को आकर्षक नृत्य सिखाया, जिससे बच्चों में देशभक्ति की भावना जागृत हुई।

Colorful Hindi poster featuring a Gandhi portrait, a man with a cane, and a grid of snack bowls; bold red headline at the top.

इसके बाद 8:30 बजे से 9 बजे तक नेशनल कराटे प्लेयर रवि प्रजापति ने बच्चों को आत्मरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं को आत्मरक्षा तकनीकों का प्रशिक्षण देते हुए कहा कि वर्तमान समय में लड़कियों के लिए कराटे सीखना अत्यंत आवश्यक है, जिससे वे आत्मविश्वासी एवं सुरक्षित बन सकें।

स्पीकर उमेश व्यास ने बच्चों को आधुनिकता के साथ-साथ भारतीय संस्कृति एवं संस्कारों को जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। अंतिम सेशन में नाट्यकर्मी अभिषेक तिवाड़ी ने नाटक के माध्यम से बच्चों को मोबाइल की अधिकता से दूर रहकर स्वस्थ जीवन जीने का संदेश दिया।  

 

कीर्ति गुप्ता, प्रीति शर्मा, मनोरमा शर्मा ने सभी प्रशिक्षकों का तिलक लगाकर स्वागत किया अंत में खुशबू जैन ने गायत्री मंत्र जाप एवं माँ शारदे की वंदना करवाकर तीसरे दिन के शिविर का समापन किया। इसके पश्चात सभी बच्चों ने प्रतिदिन की तरह शिविर स्थल पर ही नाश्ता एवं ज्यूस ग्रहण किया।

 

शिविर प्रभारी आशीष पोरवाल ने बताया कि शिविर का उद्देश्य बच्चों में संस्कार, आत्मविश्वास, रचनात्मकता एवं भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूकता विकसित करना है।गायत्री परिवार के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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