*संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए मन, समर्पण और पुरुषार्थ से जुटें : आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज*
नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर।
गुरुदेव ने कहा कि जीवन में जब कोई संकल्प ले लिया जाता है, तो उसे साकार करने के लिए केवल विचार करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसी क्षण से पूरे मनोयोग के साथ प्रयास प्रारंभ करना आवश्यक है। इसी प्रेरणा को शब्द देते हुए उन्होंने कह–
“सोचा है तो पूरा होगा, बस शुरुआत आज से ही करनी होगी। तुझे दुनिया से बाद में, पहले खुद से ही लड़ना होगा।”
आगामी पंचकल्याणक महोत्सव के संदर्भ में गुरुदेव ने कहा कि जब हमने इतना बड़ा संकल्प लिया है, तो उसकी सिद्धि के लिए प्रत्येक व्यक्ति को पूरे मन, समर्पण और निष्ठा के साथ जुटना होगा। किसी भी बड़े आयोजन की सफलता केवल भव्य व्यवस्थाओं और तैयारियों से नहीं होती, बल्कि उसके पीछे सामूहिक एकता, दृढ़ इच्छाशक्ति और प्रत्येक व्यक्ति का आत्मीय योगदान महत्वपूर्ण होता है।
गुरुदेव ने कहा कि पंचकल्याणक महोत्सव केवल एक भव्य धार्मिक आयोजन बनकर न रह जाए, बल्कि यह समाज में सदाचार, शाकाहार और नैतिक जीवन मूल्यों की स्थापना का माध्यम बने। इसका संदेश जन-जन तक पहुंचे और लोगों के जीवन में धर्म का वास्तविक प्रभाव दिखाई दे। व्यक्ति केवल बाहरी वेशभूषा या धार्मिक क्रियाओं से नहीं, बल्कि अपने विचारों की पवित्रता, व्यवहार की शुद्धता और आचरण की श्रेष्ठता से धार्मिक बने।
महोत्सव की वास्तविक सफलता तभी होगी, जब आयोजन के साथ-साथ लोगों के जीवन में भी धर्म, सदाचार और आत्मकल्याण की भावना का उदय हो।
माही जैन धीरावत पीपलखूंट प्रतापगढ़ से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
