पंजाब को नशे से बचाने के लिए आध्यात्मिक जागरण और नैतिक शिक्षा जरूरी : मुनि प्रमाण सागर
पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने शंका समाधान में मांगा मार्गदर्शन, मुनि श्री ने चार स्तरों पर अभियान चलाने का दिया संदेश
मधुबन/सम्मेदशिखरजी।
पंजाब में बढ़ती नशे की समस्या और युवा पीढ़ी पर उसके दुष्प्रभावों को लेकर पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने राष्ट्रसंत मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज से मार्गदर्शन प्राप्त किया। गुणायतन परिसर में आयोजित शंका समाधान कार्यक्रम में राज्यपाल ने पंजाब की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नशे की समस्या से युवाओं को बचाने के लिए व्यापक जनजागरण और समाज के सहयोग की आवश्यकता है। इस पर मुनि श्री ने आध्यात्मिक जागरण, सांस्कृतिक निष्ठा, नैतिक मर्यादा और शिक्षा संस्थानों को संस्कारों से जोड़ने सहित चार स्तरों पर ठोस अभियान चलाने का आह्वान किया।
गुणायतन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन ‘विद्यावाणी’ ने बताया कि पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज के समक्ष अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब वीरों, गुरुओं, भक्ति और शक्ति की धरती है। इस प्रदेश ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया है, लेकिन आज युवा पीढ़ी नशे की गंभीर समस्या से जूझ रही है। उन्होंने कहा कि वे जनजागरण के माध्यम से जनता को साथ लेकर इस चुनौती का सामना करना चाहते हैं, लेकिन यह कार्य अकेले संभव नहीं है। इसके लिए समाज के अधिक से अधिक लोगों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने मुनि श्री से मार्गदर्शन मांगा कि इस अभियान को पूरे पंजाब का जनआंदोलन कैसे बनाया जाए।

राज्यपाल की चिंता पर मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि किसी प्रदेश का वास्तविक विकास केवल भौतिक समृद्धि और बाहरी सुविधाओं से नहीं होता, बल्कि उसकी आंतरिक मजबूती, नागरिकों के चरित्र और नैतिक मूल्यों से होता है। उन्होंने कहा कि पंजाब भारत का समृद्ध और शक्तिशाली प्रदेश है। नशे की समस्या समाज को भीतर से कमजोर करती है, इसलिए इसका समाधान केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि सामाजिक और आध्यात्मिक चेतना के व्यापक अभियान से संभव है।


मुनि श्री ने पंजाब और जैन समाज के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए सेठ टोडरमल जी के त्याग और योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि चार साहिबजादों के अंतिम संस्कार के लिए भूमि उपलब्ध कराने में सेठ टोडरमल जी का योगदान मानवता, श्रद्धा और त्याग का प्रेरक उदाहरण है। यह प्रसंग दोनों समाजों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाता है।


मुनि श्री ने नशे की समस्या के समाधान के लिए चार प्रमुख उपाय बताए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले गैर-सरकारी स्तर पर आध्यात्मिक जागरण का अभियान चलाया जाए, जिससे प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन, आत्मस्वरूप और कर्तव्यों को समझ सके। आध्यात्मिक चेतना व्यक्ति को सही दिशा प्रदान करती है और उसे गलत प्रवृत्तियों से बचने की प्रेरणा देती है।


दूसरे उपाय के रूप में उन्होंने बच्चों और युवाओं में सांस्कृतिक निष्ठा तथा अपनी परंपराओं के प्रति गौरव जगाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जब युवा अपनी संस्कृति, देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी समझते हैं, तब उनमें सकारात्मक परिवर्तन आता है। तीसरे उपाय के रूप में नैतिक मर्यादा की शिक्षा को आवश्यक बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और संयम भी जरूरी हैं। मर्यादा जीवन की लक्ष्मण रेखा है, जिसका उल्लंघन व्यक्ति और समाज दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

चौथे उपाय के रूप में मुनि श्री ने शिक्षा संस्थानों को आध्यात्मिकता, नैतिकता और संयम की शिक्षा से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए, जिससे युवा नशे और अन्य दुष्प्रवृत्तियों से दूर रहकर स्वस्थ जीवन की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए औपचारिक कार्यक्रमों के बजाय गहराई से काम करने वाले ठोस और निरंतर अभियान चलाने होंगे।
मुनि श्री ने विशेष रूप से कहा कि आज जन्म लेने वाले बच्चों के संस्कारों और मूल्यों की रक्षा पर अभी से ध्यान दिया जाए। यदि नई पीढ़ी को बचपन से सही दिशा दी जाए, तो आने वाले 20 वर्षों में पंजाब में व्यापक परिवर्तन संभव है। सामाजिक कल्याण के प्रयास राजनीतिक गणित से ऊपर उठकर मानवता और समाज के हित में होने चाहिए। सरकार को भी ऐसे अभियानों के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने चाहिए।
मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को शुभाशीष देते हुए कहा कि उनके जैसे संवेदनशील व्यक्तियों को समाज के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। उन्होंने पंजाब की जनता से अपने गौरवशाली अतीत, सांस्कृतिक पहचान और नैतिक मूल्यों को पुनर्जीवित करने का आह्वान किया, ताकि पंजाब फिर से पूरे देश के लिए आदर्श बन सके।
इस अवसर पर मुनि श्री प्रमाण सागर महाराज ने राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया को अपना साहित्य भेंट कर आशीर्वाद प्रदान किया। राज्यपाल ने मुनि श्री के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए उनके मार्गदर्शन को पंजाब में जनजागरण और नशे के विरुद्ध अभियान के लिए महत्वपूर्ण बताया।‘
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
