जैन होना महत्पूर्ण नहीं जैनी होना महत्पूर्ण,है सुधासागर महाराज

धर्म

जैन होना महत्पूर्ण नहीं जैनी होना महत्पूर्ण,है सुधासागर महाराज
यशोदय तीर्थ महरोनी
निर्यापक श्रमण मुनिपुंगव108 श्री सुधासागर महाराज ने प्रवचन मे कहा हमे भगवान,गुरू को से जो मिला उसके लिए हमें आभार मानना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा जैन होना महत्पूर्ण नहीं जैनी होना महत्पूर्ण,जैनी होना अपनी आत्मा की पयार्य है।कर्म ने तो हमे जैन बना दिया लेकिन हम जैनी नहीं बन पा रहे जो मिला हम उसे धन्यवाद करे आभार करें।

 

 

और कोसने से हमने जो पाया वो समाप्त हो जाता है। हमें किस्मत को आभार कहना है कि हमे अच्छा कुल,परीवार जैन धर्म मिला उसके लिए किस्मत का आभार,भगवान के दर्शन करते के समय हम बोलते हैं अहोभाग्य तेरा दर्शन पाया ये कहना मैं भाग्यशाली हुं।

 

पूज्य मुनिश्री ने सृष्टी के विषय में कहा की सम्पूर्ण सृष्टी की जो व्यवस्था है उसमे प्रकृति कुछ अधिकार अपने हाथ मे लेती है व कुछ अधिकार हमे दिये जन्म व मृत्यु के बीच हमे अधिकार दिये हैं। प्रकृति हमें पेट दे सकता है क्या खाना हमे अधिकार दिया,खेत मिला फसल भी मिली लेकिन फसल का क्या करना यह हमको डिसाइड करना है भगवान,गुरु मिल सकते हैं लेकिन इनका उपयोग क्या करना वो हमें उपयोग करना है।

 

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *