*49वें अवतरण दिवस पर गुरुदेव के दर्शन को पहुंचीं स्क्वाड्रन लीडर नूपुर जैन*
नेमी नगर जैन कॉलोनी, इंदौर।
आचार्य श्री सुनीलसागर जी गुरुदेव के तिथि अनुसार अश्विन कृष्णा दशमी को 49वें अवतरण दिवस के अवसर पर भारतीय वायुसेना की स्क्वाड्रन लीडर नूपुर जैन दिल्ली से गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु पहुंचीं। उन्होंने गुरुदेव के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा एवं भावनाएं व्यक्त करते हुए उन्होंने उनके आध्यात्मिक मार्गदर्शन को प्रेरणादायी बताया।
इसी अवसर पर आचार्य श्री सुनीलसागर जी महाराज ने जीवन में बाहरी सुंदरता के बजाय आंतरिक सुंदरता को महत्व देने की प्रेरणा देते हुए कहा कि चेहरे की सुंदरता तो समय के साथ बदल जाएगी, लेकिन सुंदर मन वाला व्यक्ति अपनी अच्छाई और व्यवहार के कारण हमेशा याद किया जाता है। इसलिए व्यक्ति को अपने चेहरे से अधिक अपने मन को सुंदर बनाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मनुष्य अक्सर बाहरी रूप-रंग को संवारने में लगा रहता है, लेकिन वास्तविक सुंदरता उसके भीतर छिपी होती है। ऊपर से सुंदर दिखाई देने वाला व्यक्ति यदि भीतर से द्वेष, अहंकार, क्रोध, छल और विकारों से भरा है तो उसकी बाहरी सुंदरता व्यर्थ है। मानव शरीर के इस ढांचे के भीतर यदि अज्ञान और विकारों का अंधकार है, तो केवल बाहरी चमक जीवन को सार्थक नहीं बना सकती।
आचार्यश्री ने कहा कि यह संसार और इसकी माया क्षणभंगुर है। जिस काया को हम अपना समझकर उसके सौंदर्य पर गर्व करते हैं, वह भी समय के साथ बदलने वाली है। आवश्यकता इस बात की है कि इसी माया और काया के भीतर विराजमान उस परम तत्व को पहचाना जाए, जो वास्तविक और शाश्वत है। जब व्यक्ति अपने भीतर झांककर आत्मस्वरूप को पहचानने का प्रयास करता है, तब उसके जीवन की दिशा बदलने लगती है।
उन्होंने कहा कि बाहरी सुंदरता कुछ समय के लिए आकर्षित कर सकती है, लेकिन मन की निर्मलता, मधुर व्यवहार और अच्छे संस्कार व्यक्ति को लंबे समय तक लोगों के हृदय में जीवित रखते हैं। इसलिए जीवन का उद्देश्य केवल सुंदर दिखना नहीं, बल्कि सुंदर विचारों, निर्मल भावों और आत्मिक जागृति से स्वयं को सुंदर बनाना होना चाहिए। यही जीवन को वास्तविक अर्थों में सार्थक बनाने का मार्ग है।
माही जैन धीरावत पीपलखूंट प्रतापगढ़ से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312






