पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर विशेष कार्यक्रम एवं पंडाल परिसर में वंदे मातरम् का सामूहिक गान 🙏 सुरेश चंद्र गांधी, नौगामा जिला बांसवाड़ा राजस्थान की रिपोर्ट

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🙏 पर्युषण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर विशेष कार्यक्रम एवं पंडाल परिसर में वंदे मातरम् का सामूहिक गान 🙏
सुरेश चंद्र गांधी, नौगामा जिला बांसवाड़ा राजस्थान की रिपोर्ट

25 सितंबर 2026, नौगामा।
नौगामा में चल रहे दशलक्षण महापर्व के अंतिम दिन उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के अवसर पर विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ आयोजित किए गए। प्रातःकाल 1008 भगवान महावीर समवशरण मंदिर, सुखोदय तीर्थ नसियाजी एवं आदिनाथ मंदिर में मुख्य वेदी तथा 52 अन्य वेदियों में विराजमान सभी प्रतिमाओं का धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान एवं भक्तिभावपूर्वक अभिषेक किया गया।

 

अभिषेक के पश्चात श्रीजी को गाजे-बाजे एवं भक्ति संगीत के साथ, चंवर ढुलाते हुए भव्य रूप से पंडाल परिसर में लाया गया और सिंहासन पर विराजमान किया गया। पंचोली राजा बाबू रमलाल को प्रथम अभिषेक करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

 


इसके पश्चात राजेंद्र जैन, अभिषेक भैया, वीना दीदी, रमेश चंद्र गांधी एवं दृष्टि दीदी के सानिध्य में दशलक्षण पूजन, पंचमेरु पूजन तथा आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की पूजन-अर्चना बड़े ही भक्तिभाव से की गई। श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों पर नृत्य एवं जयघोष के साथ अपनी भक्ति प्रकट की। आज भगवान वासुपूज्य के मोक्ष कल्याण के उपलक्ष में निर्वाण लाडू चढ़ाया गया लाडू चढ़ाने का प्रथम सौभाग्य गांधी पंकज गांधी विपुल, गांधी विजेंद्र को प्राप्त हुआ
🇮🇳 550 विद्यार्थियों ने किया वंदे मातरम् का सामूहिक गान
इस अवसर पर देशभर में आयोजित वंदे मातरम् के सामूहिक गान के क्रम में नौगामा के पंडाल परिसर में भी देशभक्ति का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। राजकीय बालिका एवं सीनियर माध्यमिक विद्यालय के लगभग 550 छात्र-छात्राओं, विद्यालय स्टाफ एवं प्रधानाचार्य ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गान कर राष्ट्रभक्ति की भावना प्रकट की।
जैन समाज की ओर से सभी विद्यार्थियों, विद्यालय स्टाफ एवं प्रधानाचार्य को इस देशभक्ति कार्यक्रम में सहभागिता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई दी गई।
🌸 शाम को महाआरती एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम
सायंकाल आचार्य भक्ति एवं प्रतिक्रमण के पश्चात आदिनाथ मंदिर में तीन थाल सजाकर भव्य महाआरती की गई। गीतकारों के मधुर भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक महाआरती में भाग लिया।
इसके बाद भैया जी द्वारा उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के महत्व पर मार्मिक एवं प्रेरणादायी प्रवचन दिया गया। उन्होंने ब्रह्मचर्य को आत्मसंयम, सदाचार एवं आत्मशुद्धि का महत्वपूर्ण मार्ग बताते हुए धर्ममय जीवन जीने का संदेश दिया।
जैन पाठशाला के बच्चों द्वारा ‘देवी अहिल्या’ नामक नाटिका का मंचन किया गया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से धार्मिक एवं नैतिक संदेश दिया। सामूहिक कार्यक्रमों में भी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के अंत में जैन समाज अध्यक्ष विपुल पंचोली ने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं, विद्यार्थियों, विद्यालय स्टाफ एवं कार्यक्रम में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। मुकुट सप्तमी के उपवास करने वाले छात्रों को पारितोषिक देकर सम्मानित किया गया।
उक्त जानकारी जैन समाज प्रवक्ता सुरेश चंद्र गांधी द्वारा दी गई।

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