*उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म पर गुरुदेव का मंगलमय प्रवचन, कैलाश विजयवर्गीयजी ने किए गुरु दर्शन*
नेमी नगर जैन कॉलोनी,इंदौर।
दशधर्म के अंतिम धर्म उत्तम ब्रह्मचर्य के पावन अवसर पर नेमिनगर जैन कॉलोनी में आचार्य भगवंत श्री 108 सुनीलसागर जी गुरुदेव के सान्निध्य में आध्यात्मिक वातावरण में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हुए। प्रातःकालीन मंगल बेला में अध्यात्म योग के माध्यम से साधना एवं आत्मचिंतन कराया गया।

इसके पश्चात गुरुदेव ने उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के स्वरूप पर मंगलमय प्रवचन प्रदान करते हुए ब्रह्मचर्य को आत्मशुद्धि, संयम और आत्मस्वरूप की ओर बढ़ने का महत्वपूर्ण साधन बताया। गुरुदेव ने बताया कि ब्रह्मचर्य केवल बाहरी संयम नहीं, बल्कि मन, वचन और काय को विषय-विकारों से हटाकर आत्मा में स्थिर करने की साधना है। जब जीव बाहरी आकर्षणों से ऊपर उठकर अपने निज स्वरूप की ओर उन्मुख होता है, तभी ब्रह्मचर्य का वास्तविक भाव प्रकट होता है।
दिन में स्वाध्याय हुआ।
इसी दौरान मध्यप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश जी विजयवर्गीय ने नेमिनगर जैन कॉलोनी में आचार्य भगवंत श्री सुनीलसागर जी गुरुदेव के दर्शन किए तथा गुरुदेव का मंगल आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर उन्होंने गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
संध्याकालीन बेला में गुरुदेव के श्रीमुख से शंका-समाधान का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और गुरुदेव ने सहज एवं आध्यात्मिक दृष्टि से उनका समाधान प्रदान किया। कार्यक्रम के अंत में गुरुदेव की मंगलमय आरती संपन्न हुई। सम्पूर्ण आयोजन भक्ति, संयम और आत्मचिंतन के भावों से ओतप्रोत रहा।
माही जैन धीरावत पीपलखूंट प्रतापगढ़ से प्राप्त जानकारी संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312




