*दशलक्षण महापर्व का आज दूसरा दिन उतम मार्दव धर्म साथ
धामनोद
1008श्री सुपार्श्वनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक भी धामनोद के जैन मंदिर में महापर्व के दौरान पट्टाचार्य आचार्य विशुद्ध सागरजी महामुनिराज के शिष्य विद्वान भोपाल से आए वाणी भूषण पंडित कमल जी जैन के सान्निध्य मार्गदर्शन में महापर्व मनाए जा रहे हे
प्रातः कालीन श्रावक श्राविकाओं का भक्ति अभिषेक शांतिधारा करने के लिए भारी संख्या में भक्त आ रहे हे पंचमी से पर्व की शुरुआत हुई इस अवसर छोटी छोटी बिटिया व बेटे ने निहार व एक बूंद पानी नहीं पीने के उपवास अपने जीवन में प्रथम बार वृत करने वाली अतिशी व देशना थी आज उनकी ओर से दान राशि सहयोग में देकर शांतिधारा भी भगवान के मस्तक पर इंद्र ने की त्याग धर्म के इस महापर्व पर किसी एक किसी के 3 किसी के 5 किसी के10 उपवास व किसी किसी के वर्ष भर में100 उपवास के नियम किसी का एक समय 10 दिन के उपवास की साधना हो रही

नित्य पूजन सामूहिक पूजन व बड़ी धारा श्री जी को पाण्डुक शिला में विराजमान कर स्वर्ण व रजत कलश के साथ विद्वान कमल जी के सन्धियां में पूजन के मुख्य यजमान के परिवार के सदस्त करते हे
