मतदान खत्म होते ही शुरू हुई बाड़ाबंदी, पार्षद शहर से बाहरकांग्रेस के पार्षद झालावाड़ के रिसॉर्ट में, भाजपा के 38 प्रत्याशी अयोध्या रवाना होने की चर्चा; अब 14 सितंबर की मतगणना पर टिकी नजरें

राजनीति

मतदान खत्म होते ही शुरू हुई बाड़ाबंदी, पार्षद शहर से बाहरकांग्रेस के पार्षद झालावाड़ के रिसॉर्ट में, भाजपा के 38 प्रत्याशी अयोध्या रवाना होने की चर्चा; अब 14 सितंबर की मतगणना पर टिकी नजरें

 

रामगंजमंडी।

नगरपालिका चुनाव में मतदान का दौर खत्म होते ही अब शहर की सियासत में बाड़ाबंदी का दौर शुरू हो गया है। अध्यक्ष पद पर कब्जे के लिए कांग्रेस और भाजपा ने अपने-अपने पार्षद प्रत्याशियों को पार्टी नेताओं की निगरानी में शहर से बाहर भेज दिया है। दोनों दलों की ओर से अपने पार्षदों को एकजुट रखने के साथ ही बोर्ड बनाने की रणनीति पर भी मंथन शुरू कर दिया गया है।

 

 

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी करते हुए बुधवार रात उन्हें झालावाड़ के एक लग्जरी रिसॉर्ट में ठहराया। वहीं भाजपा की ओर से भी अपने प्रत्याशियों को बस के जरिए शहर से बाहर रवाना किया गया। चर्चा है कि भाजपा के 38 प्रत्याशियों को पहले बारां और इसके बाद अयोध्या ले जाया गया है। हालांकि दोनों दलों की ओर से बाड़ाबंदी को लेकर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

 

बोर्ड बनाने की रणनीति पर कांग्रेस का मंथन

मतदान के बाद अब कांग्रेस ने भी नगरपालिका में अपना बोर्ड बनाने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। गुरुवार को कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेताओं ने आपस में चर्चा कर बोर्ड गठन को लेकर रणनीति बनाई। पार्टी की नजर अब अपने प्रत्याशियों के साथ-साथ निर्दलीय प्रत्याशियों के रुख पर भी टिकी हुई है।

 

दूसरी ओर भाजपा भी अपने पक्ष में बहुमत जुटाने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में मतगणना से पहले ही दोनों प्रमुख दलों के बीच अंदरूनी सियासी गणित तेज हो गया है।

 

14 सितंबर को खुलेगा जीत-हार का पिटारा

 

अब सभी की निगाहें 14 सितंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। मतगणना के बाद ही यह तस्वीर साफ होगी कि 40 वार्डों में किस दल को कितनी सफलता मिली और निर्दलीय प्रत्याशियों में से कितने उम्मीदवार बाजी मारने में सफल रहे।

 

रामगंजमंडी नगरपालिका में बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों के मैदान में होने से बोर्ड गठन का गणित और भी दिलचस्प हो गया है। ऐसे में मतगणना के बाद किसके पास बहुमत होगा और कौन निर्दलीयों को अपने पाले में लाने में सफल रहेगा, यह देखने वाली बात होगी।

 

21 सितंबर को होगा अध्यक्ष का चुनाव

 

मतगणना के बाद नगरपालिका अध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होगी। अध्यक्ष पद के लिए लोक सूचना 15 सितंबर को जारी की जाएगी। नामांकन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि 16 सितंबर रहेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 17 सितंबर को होगी, जबकि नाम वापसी की अंतिम तिथि 18 सितंबर दोपहर 3 बजे तक निर्धारित है। नाम वापसी के तुरंत बाद उसी दिन चुनाव चिन्हों का आवंटन किया जाएगा।

 

अध्यक्ष पद के लिए मतदान 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। आवश्यकता होने पर मतदान कराया जाएगा और मतदान समाप्ति के तुरंत बाद मतगणना की जाएगी।

 

22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद का चुनाव

 

अध्यक्ष के चुनाव के अगले ही दिन 22 सितंबर को उपाध्यक्ष पद के निर्वाचन की प्रक्रिया होगी। सुबह 10 बजे बैठक शुरू होगी। 11 बजे नामांकन प्रस्तुत किए जाएंगे, 11.30 बजे नामांकन पत्रों की जांच होगी और दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। आवश्यकता होने पर दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान कराया जाएगा। मतदान समाप्त होते ही मतगणना की जाएगी।

 

अब असली खेल मतगणना के बाद

 

रामगंजमंडी की नगरपालिका में मतदान के बाद अब चुनावी शोर भले ही थम गया हो, लेकिन सियासी हलचल और तेज हो गई है। पार्षदों की बाड़ाबंदी, पार्टी नेताओं की निगरानी और बोर्ड बनाने की रणनीति ने चुनाव को एक नए दौर में पहुंचा दिया है। अब फैसला जनता के मतों की गिनती के बाद होगा, लेकिन उसके बाद अध्यक्ष की कुर्सी के लिए शुरू होने वाला सियासी खेल सबसे ज्यादा रोचक रहने वाला है।

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