20 अगस्त को नसियां जी दादाबाड़ी में रचे जाएंगे इतिहास के दो स्वर्णिम अध्याय, राजस्थान में पहली बार होगी विद्यासागर संघ-परंपरा से मुनि दीक्षा

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20 अगस्त को नसियां जी दादाबाड़ी में रचे जाएंगे इतिहास के दो स्वर्णिम अध्याय, राजस्थान में पहली बार होगी विद्यासागर संघ-परंपरा से मुनि दीक्षा

 

 

कोटा, 18 अगस्त।

श्री पुण्योदय अतिशय क्षेत्र नसियां जी दादाबाड़ी में 20 अगस्त का दिन जैन समाज के इतिहास में एक अविस्मरणीय अध्याय जोड़ने जा रहा है। चातुर्मासरत ज्येष्ठ-श्रेष्ठ निर्यापक श्रमण मुनि शिरोमणि श्री 108 योगसागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित होने वाला जैनेश्वरी मुनि दीक्षा समारोह दो ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बनेगा।

 

चातुर्मास कमेटी के संयोजक हुकम जैन काका एवं नसियां जी मंदिर के अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि पहली बार राजस्थान की धरती पर संत शिरोमणि आचार्य भगवन्त श्री 108 विद्यासागर जी महाराज की संघ-परंपरा से मुनि दीक्षा संपन्न होने जा रही है। वहीं, दूसरी ऐतिहासिक उपलब्धि यह होगी कि मुनिश्री 108 योगसागर जी महाराज के कर-कमलों से पहली बार मुनि दीक्षा संस्कार संपन्न होगा।

इन दोनों ऐतिहासिक घटनाओं ने इस आयोजन को धार्मिक आस्था के साथ-साथ जैन समाज के लिए ऐतिहासिक महत्व का बना दिया है।

छह ऐलक दीक्षाओं के बाद अब पहली मुनि दीक्षा

चातुर्मास कमेटी के संयोजक हुकम जैन काका, नसियां जी मंदिर अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ एवं महामंत्री महेन्द्र कासलीवाल ने बताया कि मुनिश्री योगसागर जी महाराज इससे पूर्व रक्षाबंधन के पावन अवसर पर रहली में छह ऐलक दीक्षाएं प्रदान कर चुके हैं। अब उनके पावन सान्निध्य एवं कर-कमलों से पहली बार मुनि दीक्षा संस्कार होने जा रहा है।

इस दुर्लभ अवसर को लेकर कोटा और हाड़ौती ही नहीं, बल्कि देशभर के जिनभक्तों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के प्रत्यक्ष साक्षी बनने के लिए कोटा पहुंच रहे हैं।

 

6,800 श्रद्धालुओं के लिए भव्य वाटरप्रूफ मंडप

आयोजन को लेकर व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीन विशाल वाटरप्रूफ मंडप एवं पांडाल तैयार किए जा रहे हैं।

करीब 380 फीट × 54 फीट, यानी लगभग 20,500 वर्ग फीट क्षेत्रफल में बनाए जा रहे इन मंडपों में करीब 6,800 श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था रहेगी। मौसम की संभावित चुनौती को देखते हुए भोजन व्यवस्था के लिए भी बड़े वाटरप्रूफ पांडाल तैयार किए गए हैं।

विशिष्ट अतिथियों, आगंतुकों एवं त्यागी-व्रतियों के लिए पृथक भोजन व्यवस्था की गई है। वहीं महिलाओं की सुविधा के लिए वातानुकूलित हॉल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

 

देशभर से कोटा पहुंचेंगे जिनभक्त

कमेटी संयोजक हुकम जैन काका ने बताया कि जैनेश्वरी मुनि दीक्षा का यह दुर्लभ अवसर कोटा और हाड़ौती के साथ ही राजस्थान एवं देशभर के जिनभक्तों के लिए आस्था का केंद्र बन गया है।

जो श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से समारोह में शामिल नहीं हो सकेंगे, उनके लिए सुधाकलश के माध्यम से लाइव प्रसारण की व्यवस्था की जा रही है। इससे देश के विभिन्न क्षेत्रों में बैठे श्रद्धालु भी इस पुण्यमय अवसर के दर्शन एवं धर्मलाभ प्राप्त कर सकेंगे।

 

आचार्य विद्यासागर जी के व्यक्तित्व से प्रेरित रहे क्षुल्लक संयमसागर जी महाराज

परम पूज्य क्षुल्लक श्री 105 संयमसागर जी महाराज संत शिरोमणि आचार्य भगवन्त श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के व्यक्तित्व, ज्ञान, करुणा एवं आध्यात्मिक जीवन से गहराई से प्रभावित और प्रेरित रहे हैं। आचार्यश्री के आदर्शों तथा आत्मकल्याण की प्रेरणा से संयम-पथ पर आगे बढ़ने का उनका संकल्प जैन समाज के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।

क्षुल्लक श्री 105 संयमसागर जी महाराज : संक्षिप्त जीवन परिचय

– पूर्व नाम: रत्नाकर जी
– पिता: श्री अप्पासाहेब दुर्गे
– माता: सौ. त्रिशला देवी
– जन्म: 15 दिसंबर 1987
– जन्म स्थान: मोलवाड़, जिला बेलगाम, कर्नाटक
– शिक्षा: 9वीं कक्षा उत्तीर्ण
– आजीवन ब्रह्मचर्य व्रत: 22 अप्रैल 2003, किन्नूर, कर्नाटक
– 2003 चातुर्मास: चिपरी में द्वितीय प्रतिमा व्रत
– 2004 चातुर्मास: तृतीय प्रतिमा व्रत
– क्षुल्लक दीक्षा: 25 अप्रैल 2008
– दीक्षा स्थान: सुखसागर धाम, कलभ्म्बी, जिन पंचकल्याणक
– क्षुल्लक दीक्षा गुरु: परम पूज्य 108 ज्येष्ठ मुनि श्री सुखसागर जी महाराज
– विशेष साधना: दीक्षा के बाद एक वर्ष तक मौन साधना
– भाषा ज्ञान: मराठी, कन्नड़ एवं हिन्दी सहित अनेक भाषाओं के ज्ञाता

पार्किंग से ई-रिक्शा तक विशेष इंतजाम

समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए यातायात एवं पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है।

महामंत्री महेन्द्र कासलीवाल ने बताया कि चार पहिया वाहनों एवं बाहर से आने वाली श्रद्धालुओं की बसों के लिए दादाबाड़ी पुलिस थाने के पास चिल्ड्रन स्कूल के बाहर तथा राठौर छात्रावास में पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। पार्किंग स्थल से मंदिर परिसर की दूरी लगभग पांच मिनट की पैदल दूरी है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निःशुल्क ई-रिक्शा सेवा उपलब्ध रहेगी। मंदिर के आसपास चार पहिया वाहन खड़ा करना निषिद्ध रहेगा। दोपहिया वाहनों के लिए बॉयज हॉस्टल परिसर में पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

आयोजकों ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यातायात व्यवस्था में सहयोग करें और निर्धारित पार्किंग स्थलों का ही उपयोग करें।

20 अगस्त को कोटा की पुण्यधरा पर होने वाला यह ऐतिहासिक दीक्षा समारोह जैन समाज की साधना, त्याग और संयम की गौरवशाली परंपरा का एक यादगार अध्याय बनने जा रहा है।

संकलित जानकारी के साथ — अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
रिपोर्ट: 9929747312

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