*सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी राज. में भगवान पार्श्वनाथ का मोक्ष कल्याणक मनाया गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी के सान्निध्य में*
गुंसी
प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिका रत्न 105 गुरु माँ विज्ञाश्री माताजी के ससंघ सान्निध्य में श्री दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र सहस्रकूट विज्ञातीर्थ गुंसी जिला – टोंक (राज.) में अत्यंत हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया । जयपुर से पधारे हुए यात्रियों ने भगवान श्री पार्श्वनाथ का निर्वाण लाडू चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त किया । निवाई , चाकसू , जयपुर आदि स्थानों से आये हुए भक्तों ने निर्वाण महोत्सव में भाग लिया ।
भगवान श्री शांतिनाथ के देवकृत अभिषेक के पश्चात भक्तों की भीड़ प्रतिदिन क्षेत्र पर पहुंचकर दर्शन लाभ प्राप्त कर रही है ।
पूज्य माताजी ने सभी को धर्मोपदेश देते हुए कहा कि – भगवान की भक्ति हमारे लिए बहुत ही पुण्यवर्धक है । उनके जितने कल्याणक है उन्हें मनाकर हम अपने धर्म में वृद्धि करते हैं । हम धर्म तो करते पर उसमें श्रद्धा नहीं रखते । यदि प्रभु पर श्रद्धा हो तो अग्नि का नीर बन जाता है । नाग का हार और जहर का अमृत बन जाता है। सीता , सोमा , मैना आदि जितनी भी सतियां हुई है सभी ने प्रभु पर श्रद्धा करके उनका ध्यान करके अपने बड़े – बड़े कष्टों को दूर किया। पार्श्वनाथ भगवान ने कमठ को क्षमा कर कष्ट सहन किये इसलिए आज वे सिद्ध अवस्था को प्राप्त है ।
