विश्व आदिवासी दिवस पर धामनोद में निकली भव्य शोभायात्रा, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की दिखी अनुपम झलक*

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*विश्व आदिवासी दिवस पर धामनोद में निकली भव्य शोभायात्रा, आदिवासी संस्कृति और परंपराओं की दिखी अनुपम झलक*

 

धामनोद। // विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में आज धामनोद नगर में आदिवासी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा एवं स्वागत रैली का आयोजन किया गया। धरमपुरी विधानसभा सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के भाई-बहन, युवा एवं बच्चे पारंपरिक वेशभूषा में सज-धजकर इस यात्रा में शामिल हुए। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा, आभूषणों और आदिवासी संस्कृति की अनूठी झलक ने पूरे नगर का वातावरण उत्साह और उमंग से भर दिया।

 

 

शोभायात्रा की शुरुआत देवीजी मंदिर से हुई, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कृषि उपज मंडी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ी। यात्रा में विभिन्न स्थानों से आए आदिवासी कलाकारों ने पारंपरिक नृत्य, ढोल, मांदल और डीजे की धुन पर अपनी संस्कृति की शानदार प्रस्तुति दी। पारंपरिक नृत्य और वेशभूषा ने नगरवासियों और मार्ग के दोनों ओर खड़े दर्शकों का विशेष आकर्षण अपनी ओर खींचा।

 

 

पूरे मार्ग में धामनोद नगर के नागरिकों द्वारा शोभायात्रा का जगह-जगह फूल-मालाओं एवं पुष्पवर्षा से स्वागत-अभिनंदन किया गया। नगर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और बड़ी संख्या में लोगों ने आदिवासी संस्कृति एवं परंपराओं की इस सुंदर प्रस्तुति का आनंद लिया।

 

इस अवसर पर भाजपा मंडल धामनोद की मंडल अध्यक्ष ममता वर्मा, महादेव धनगर, राजेंद्र महाजन, ओम पटेल, कृष्णा डाबर, जितेंद्र सोलंकी, मुकेश जोशी सहित विधायक प्रतिनिधि निलेश माहेश्वरी उपस्थित रहे।

 

वहीं अन्नपूर्णा रोगी सेवा समिति की ओर से सेवा धाम के सामने शोभायात्रा का विशेष स्वागत किया गया। समिति अध्यक्ष दीपक प्रधान, निलेश माहेश्वरी कविता तोमर, प्रभु स्वामी द्वारा आदिवासी समाज के लोगों का फूल-मालाओं एवं पुष्पवर्षा से स्वागत किया गया।

 

शोभायात्रा के दौरान पुलिस प्रशासन भी पूरी व्यवस्था के साथ मौजूद रहा और यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करता रहा, जिससे यात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हुई।

 

विश्व आदिवासी दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर आदिवासी समाज की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं, लोककला और प्रकृति के प्रति उनके गहरे जुड़ाव को सामने रखा। जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका और प्रकृति के साथ उनके सामंजस्यपूर्ण जीवन की परंपरा को सम्मान देने का संदेश भी इस आयोजन के माध्यम से दिया गया।

 

आज धामनोद नगर मानो आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। पारंपरिक नृत्य, मांदल की थाप और उत्साह से भरी शोभायात्रा ने पूरे नगर में एकता, संस्कृति और सामाजिक सम्मान का संदेश दिया।

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