वैश्विक शांति के लिए यज्ञ, भक्ति संगीत और लोक संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियों के बीच सम्पन्न हुआ गायत्री परिवार का बाल स्पंदन संस्कार शिविर 2026
रामगंजमंडी, 31 मई।
गायत्री परिवार रामगंजमंडी की युवा इकाई दिया (डिवाइन इंडिया यूथ एसोसिएशन) द्वारा आयोजित पाँच दिवसीय निःशुल्क बाल स्पंदन समर कैंप 2026 का समापन समारोह गायत्री शक्तिपीठ रामगंजमंडी में उत्साह, संस्कार एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ एंकर खुशबू जैन ने मां सरस्वती की वंदना से करवाई प्रातः योग सत्र से हुआ, जिसमें ऋषिता जैन ने बच्चों को योग एवं प्राणायाम का अभ्यास कराया।

इसके पश्चात संगीता पाटीदार ने बच्चों को भक्ति संगीत का महत्व बताते हुए मधुर भजनों की प्रस्तुति दी जिस पर सब बच्चे से भक्ति भाव में झूम उठे वहीं मोहित राही ने राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति एवं लोक संगीत से बच्चों का परिचय कराया, जिससे बच्चों ने आनंदपूर्वक लोक परंपराओं को जाना।



इसके बाद वैश्विक शांति, राष्ट्र की उन्नति एवं सभी बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य की मंगलकामना गायत्री महायज्ञ संपन्न हुआ
जिसमें पंकज काला ने आहुतियां दिलवाई जिसमें बच्चों एवं अभिभावकों ने श्रद्धापूर्वक आहुतियां अर्पित कीं। यज्ञ के दौरान बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं यज्ञीय जीवन शैली की प्रेरणाएं भी दी गईं।



कार्यक्रम में अभिषेक तिवाड़ी द्वारा बच्चों को नाट्य गतिविधियों के माध्यम से रचनात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास का प्रशिक्षण दिया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह एवं उमंग के साथ अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन किया।
शिवर में मुख्य अतिथि के तौर पर गायत्री परिवार के मुख्यालय शान्तिकुंज हरिद्वार से पधारे प्रतिनिधि प्रभा शंकर दुबे ने अभिभावकों से बच्चों में अच्छे संस्कार देने की अपील की क्योंकि बच्चे राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं, उनका निर्माण ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण है।”
कार्यकम में अतिथियों के रूप में गायत्री परिवार कोटा के जिला समन्वयक देवेश शर्मा,
दिया राजस्थान के प्रदेश संयोजक लोकेश शर्मा
आरोग्य भारती के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र जैन गायत्री परिवार रामगंजमंडी के व्यवस्थापक बद्रीलाल गुप्ता, हीरालाल शर्मा, जगदीश काला, बजरंगलाल गौतम,अनूप मिश्रा, दिनेश खंडेलवाल, गौतम सेठिया उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर शिविर प्रभारी आशीष पोरवाल ने कहा कि बाल स्पंदन समर कैंप का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास, संस्कार निर्माण, व्यक्तित्व विकास एवं भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा जागृत करना है। पाँच दिनों तक चले इस शिविर में योग, आर्ट-क्राफ्ट, संगीत, नृत्य, संस्कार शिक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, नाटक , माइंड पावर ,रामायण महाभारत प्रश्नोत्तरी , वैदिक गणित एवं विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सीखने का अवसर मिला।
इस अवसर पर शिविर के सफल संचालन में सहयोग देने वाले प्रशिक्षकों, अतिथियों, कार्यकर्ताओं, पत्रकार बंधुओं एवं सेवाभावी परिजनों का सम्मान किया गया। सभी बच्चो ने प्रसादि ग्रहण की
कार्यक्रम के अंत में गायत्री परिवार के जयघोषों के साथ वातावरण गूंज उठा—
एक बनेंगे – नेक बनेंगे।
प्राणियों में – सद्भावना हो।
विश्व का – कल्याण हो।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
