सस्ते यात्रा पैकेज के झांसे में न आएं! राष्ट्र संत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने दी बड़ी चेतावनी, कहा– जांच के बाद ही करें भुगतान”

धर्म

 

“सस्ते यात्रा पैकेज के झांसे में न आएं! राष्ट्र संत मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज ने दी बड़ी चेतावनी, कहा– जांच के बाद ही करें भुगतान”

श्रद्धालुओं से सतर्क रहने की अपील, फर्जी ट्रैवल एजेंटों और आकर्षक ऑफर्स के नाम पर बढ़ रही ठगी से बचने का दिया संदेश।

मधुबन

यात्रा के नाम पर होने वाली ऑनलाइन और ऑफलाइन ठगी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी के बीच राष्ट्र संत मुनि श्री 108 प्रमाणसागर महाराज ने श्रद्धालुओं और समाज को महत्वपूर्ण संदेश देते हुए सावधानी बरतने का आह्वान किया। मधुबन स्थित श्री सम्मेदशिखर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सस्ते यात्रा पैकेज, आकर्षक ऑफर्स और बड़े-बड़े दावों के लालच में आकर अपनी मेहनत की कमाई किसी भी व्यक्ति या संस्था को सौंपना गंभीर भूल साबित हो सकती है।

 

 

राष्ट्रीय प्रवक्ता अविनाश जैन “विद्यावाणी” ने बताया कि गुरुदेव ने कहा कि आजकल कुछ लोग अत्यंत कम कीमत में यात्रा, आवागमन, भोजन और अन्य सुविधाओं का लालच देकर लोगों से अग्रिम राशि वसूल लेते हैं और बाद में गायब हो जाते हैं। ऐसे मामलों में श्रद्धालुओं को आर्थिक और मानसिक दोनों प्रकार की परेशानी उठानी पड़ती है।

 

मुनि श्री ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था यात्रा कराने का दावा करती है तो सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि वह पंजीकृत एवं अधिकृत ट्रैवल एजेंट है या नहीं। उसकी संस्था, पूर्व रिकॉर्ड, अनुभव और समाज में विश्वसनीयता की पूरी जानकारी प्राप्त करने के बाद ही कोई आर्थिक लेन-देन करें। केवल विज्ञापन या सोशल मीडिया पर दिख रहे आकर्षक ऑफर्स के आधार पर निर्णय लेना उचित नहीं है।

 

उन्होंने कहा कि वास्तविक लागत से बहुत कम मूल्य पर उपलब्ध कराए जा रहे यात्रा पैकेज संदेह का विषय हो सकते हैं। इसलिए हर प्रस्ताव की सत्यता अवश्य जांचें। वर्षों से सफलतापूर्वक यात्राएं कराने वाले विश्वसनीय आयोजकों पर ही भरोसा करें और किसी भी अपरिचित व्यक्ति को बिना पुष्टि के धन न दें।

 

गुरुदेव ने समाज से यह भी अपील की कि यदि किसी के साथ यात्रा के नाम पर ठगी होती है तो वह उस जानकारी को समाज के बीच साझा करे, ताकि अन्य लोग भी सतर्क हो सकें और ऐसे धोखेबाजों के जाल में फंसने से बचें।

 

उन्होंने कहा कि “जागरूकता, विवेक और सावधानी ही यात्रा के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचाव का सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है।”

 

संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी। 9929747312

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