मानवता अभी ज़िंदा है: पिता के निधन से बेसहारा हुए 5 बच्चों के परिवार के लिए देवदूत बनी टीम इंसानियत, जनसहयोग से जुटाई सहायता राशि
आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को 16,350 रुपये की मदद, अंतिम संस्कार से लेकर हरसंभव सहयोग के लिए आगे आए समाजसेवी
खैराबाद। मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व की मिसाल पेश करते हुए टीम इंसानियत फाउंडेशन ने एक शोकाकुल और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई। जनसहयोग से 16,350 रुपये की सहायता राशि एकत्रित कर मृतक की माता को सौंपते हुए संस्था ने यह साबित कर दिया कि समाज में आज भी इंसानियत सबसे बड़ी ताकत है।
टीम इंसानियत फाउंडेशन के संचालक सोमेश गुप्ता ने बताया कि खैराबाद निवासी नंदकिशोर बैरवा का गंभीर बीमारी के चलते आकस्मिक निधन हो गया। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे नंदकिशोर अपने पीछे पांच मासूम बच्चों और बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवार को छोड़ गए। परिवार के सामने रोजमर्रा के खर्चों से लेकर अंतिम संस्कार तक की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई थी।
जैसे ही स्थानीय लोगों ने टीम इंसानियत फाउंडेशन से सहायता की अपील की, संस्था ने बिना देर किए जनसहयोग अभियान शुरू किया। लोगों ने बढ़-चढ़कर सहयोग किया और 16,350 रुपये की राशि एकत्रित कर मृतक की माता को सौंपी गई, जिससे अंतिम संस्कार एवं अन्य आवश्यक कार्य सम्मानपूर्वक संपन्न हो सके।
इस मानवीय कार्य में पार्षद सोनू मीणा ने अंतिम संस्कार के लिए लकड़ी की व्यवस्था कर महत्वपूर्ण सहयोग दिया। समाज के लोगों की इस एकजुटता ने दुख की इस घड़ी में परिवार को बड़ा संबल प्रदान किया।
टीम इंसानियत फाउंडेशन के इस सेवा कार्य की स्थानीय नागरिकों ने मुक्तकंठ से सराहना की और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में मानवता के प्रति विश्वास को और मजबूत करते हैं। संस्था के सदस्यों ने भी आश्वस्त किया कि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर परिवार को हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर समाजसेवी राजेंद्र गुप्ता, पार्षद सोनू मीणा, गोलू कुरैशी, चेतन गुर्जर, अजय, प्रमोद, रोहित, रितिक, मनीष, विशाल, अमित, धीरज, महेश, मोनू, शालू सहित टीम इंसानियत फाउंडेशन के अनेक सदस्य एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
रिपोर्ट: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी
मो.: 9929747312



