रामगंजमंडी में दिव्य आध्यात्मिक क्षण: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी का लूथरा परिवार के आवास पर मंगल आगमन

धर्म

रामगंजमंडी में दिव्य आध्यात्मिक क्षण: जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी का लूथरा परिवार के आवास पर मंगल आगमन

24 वर्षों की गुरु-शिष्य परंपरा हुई भाव-विभोर, चरण पखारकर लिया आशीर्वाद, भक्ति और श्रद्धा का बना अविस्मरणीय उत्सव

रामगंजमंडी।

जीवन में कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो केवल यादें नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के अमिट प्रतीक बन जाते हैं। ऐसा ही एक दुर्लभ और पुण्य अवसर रविवार को रामगंजमंडी के सेवाभावी एवं धर्मनिष्ठ लूथरा परिवार को प्राप्त हुआ, जब जगद्गुरु श्री शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी (भानपुरा पीठ) ने उनके आवास पर पधारकर पूरे परिवार को अपने मंगल आशीर्वाद से अभिभूत किया।

जगद्गुरु के आगमन से लूथरा परिवार का घर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। परिवार के सदस्यों ने इस पावन पल को ऐसा अनुभव किया मानो स्वयं ईश्वर उनके द्वार पर पधारे हों। उल्लेखनीय है कि लूथरा परिवार पिछले लगभग 24 वर्षों से पूज्य स्वामी जी की शरण और सान्निध्य से जुड़ा हुआ है।

स्वामी जी के आवास पर पहुंचने पर परिवार के वरिष्ठ सदस्य अशोक कुमार लूथरा, सुरेश कुमार लूथरा, रमेश लूथरा, अमित लूथरा सहित समस्त लूथरा परिवार ने श्रद्धापूर्वक उनका स्वागत-अभिनंदन किया। वैदिक परंपरा के अनुसार चरण पखारकर उनका पूजन किया तथा मंगलमय आशीर्वाद प्राप्त किया।

इस अवसर पर गुरु-शिष्य संबंध की अनुपम भावना भी देखने को मिली। परिवारजनों ने कहा कि गुरु के चरणों की धूल ही जीवन का सर्वोच्च अलंकार है और गुरु कृपा ही ज्ञान का प्रकाश तथा आत्मा के कल्याण का वास्तविक मार्ग है।

जहां सद्गुरु के चरण पड़ते हैं, वहां श्रद्धा, शांति, संस्कार और सकारात्मक ऊर्जा का स्वतः संचार होता है। लूथरा परिवार के लिए यह अवसर केवल स्वागत समारोह नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, गुरु-भक्ति और आध्यात्मिक समर्पण का अविस्मरणीय उत्सव बन गया।

“गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।

गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥”

       संकलित अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी  9929747312

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *