पुण्य कर्मों के उदय से ही मिलता है धर्म प्रवचन सुनने का सौभाग्य” — आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी, 2 अगस्त को होगा भव्य चातुर्मास कलश स्थापना समारोह
: केशवरायपाटन में पहली बार श्रीमुनिसुव्रतनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र पर होगा आर्यिका रत्न स्वस्तिभूषण माताजी का वर्षायोग, तैयारियां अंतिम चरण मे
केशवरायपाटन।
श्रीमुनिसुव्रतनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र में शुक्रवार को आयोजित धर्मसभा श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से ओतप्रोत रही। धर्मसभा को संबोधित करते हुए आर्यिका रत्न श्री 105 स्वस्तिभूषण माताजी ने कहा कि धर्म प्रवचन सुनना मात्र संयोग नहीं, बल्कि अनेक जन्मों के पुण्य कर्मों का प्रतिफल है। जब पापकर्मों का क्षय होता है और पुण्य का उदय होता है, तभी जीव को धर्मश्रवण का दुर्लभ अवसर प्राप्त होता है।
उन्होंने कहा कि यदि मन क्रोध, अहंकार, लोभ, मोह और विषय-विकारों से भरा हो तो व्यक्ति प्रवचन सुनकर भी उसके वास्तविक मर्म को नहीं समझ पाता। केवल शरीर से धर्मसभा में उपस्थित रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मन, वचन और आत्मा का भी धर्म से जुड़ना आवश्यक है। जब मन संसार की चिंताओं और इच्छाओं में उलझा रहता है, तब अमृत समान धर्मवाणी भी हृदय तक नहीं पहुंच पाती।
आर्यिका माताजी ने कहा कि धर्म प्रवचन सुनने के लिए महान पुण्य चाहिए, लेकिन उससे भी बड़ा पुण्य उस उपदेश को अपने जीवन में उतारना है। जो व्यक्ति धर्म को केवल सुनता ही नहीं, बल्कि अपने व्यवहार और आचरण में भी अपनाता है, वही वास्तविक अर्थों में आत्मकल्याण की दिशा में अग्रसर होता है।
उन्होंने चातुर्मास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि चातुर्मास संतों के चार माह के स्थिर प्रवास का पावन काल होता है, जो कार्तिक पूर्णिमा तक चलता है। यह समय आत्मचिंतन, स्वाध्याय, तप, संयम, संस्कार और धर्म साधना का स्वर्णिम अवसर होता है। उन्होंने कहा कि मजबूत परिवार ही सशक्त समाज और संस्कारित राष्ट्र की आधारशिला होता है।
2 अगस्त को होगा भव्य मंगल कलश स्थापना समारोह
आर्यिका रत्न स्वस्तिभूषण माताजी ससंघ के शांति वर्षायोग (चातुर्मास) के मंगल कलश स्थापना समारोह का भव्य आयोजन 2 अगस्त को कृषि उपज मंडी, केशवरायपाटन में किया जाएगा। श्रीमुनिसुव्रतनाथ स्वामी अतिशय क्षेत्र में पहली बार आयोजित हो रहे इस ऐतिहासिक वर्षायोग को लेकर दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी एवं आयोजन समिति ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह का वातावरण है।
4 अगस्त से होगा मुनिसुव्रतनाथ चालीसा पाठ
आर्यिका स्वस्तिभूषण माताजी के सानिध्य में 4 अगस्त से 13 सितंबर तक प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक श्रीमुनिसुव्रतनाथ चालीसा पाठ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
संकलन : अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी मो. 9929747312

