विद्याप्रमाण गुरुकुलम् में भव्य महिला सम्मेलन – हजारों महिलाओं ने अपनी विशेष वेशभूषा में सहभागिता दी
अवधपुरी (भोपाल)।
श्री विद्याप्रमाण गुरुकुलम् के विशाल प्रांगण में आज एक भव्य महिला सम्मेलन का आयोजन मुनि श्री प्रमाणसागर महाराज के ससंघ सानिध्य में आयोजित किया गया, जिसमें राजधानी भोपाल एवं आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में महिला मंडलों ने अपनी पारंपरिक विशेष वेशभूषा के साथ उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरा सम्पूर्ण परिसर एक आध्यात्मिक उत्सव स्थल के रूप में परिवर्तित हो गया।
कार्यक्रम के मुख्य प्रेरणा स्रोत रहे मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज ने अपने प्रवचन में नारी सम्मान, गरिमा और सशक्तिकरण के गूढ़ पक्षों को उजागर किया। उन्होंने कहा “मैं चाहता हूँ कि नारी सशक्त बने, लेकिन सशक्तिकरण के नाम पर भटकाव नहीं होना चाहिए।”

उन्होंने नारी के पत्नी, मां और बहन के रूप में निभाए जाने वाले त्याग और समर्पण को आदरपूर्वक नमन करते हुए कहा कि—नारी का जीवन केवल अधिकार नहीं, अपितु कर्तव्य और प्रेमपूर्ण बलिदान का अनुपम उदाहरण है।”मुनिश्री ने महाभारत, रामायण और जैन परंपरा की नारी पात्राओं के उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह स्पष्ट किया कि नारी शक्ति यदि संयम, श्रद्धा और विवेक के साथ आगे बढ़े, तो वह समाज को दिशा देने वाली महान शक्ति बन सकती है।उन्होंने कहा कि आप लोगों को गर्व होंना चाहिये कि नारी ही नारायण की जननी है उन्होंने कहा कि नारी को पुरुष बनने की कतई आवश्यकता नहीं पढ़ाई लिखाई करो आत्म निर्भर बनो लेकिन आपका लक्ष्य सेवा और साधना का होना चाहिये।
उन्होंने नारी के पांच रुप कन्या- पत्नी-जननी- भार्या और कुटुंबनी के रूप में विस्तार से चर्चा करते हुये कहा कि वह पांचों रुप में खरी उतरी है और उसे यह मौलिकता को बरकरार रखना चाहिये।


प्रवक्ता अविनाश जैन विद्यावाणी ने बताया की सम्मेलन के विशेष आकर्षण महिला मंडलों की भव्य शोभायात्रा पारंपरिक गीतों एवं भजनों की भावविभोर प्रस्तुतियाँ नारी सशक्तिकरण पर लघु नाटिका एवं वकत्वय प्रतियोगितागुरुकुल छात्राओं द्वारा स्वागत-संकीर्तन प्रस्तुति रहे।
आयोजन समिति ने जताया आभार
गुरुकुल व्यवस्थापक एवं आयोजन संयोजकों ने सभी महिलाओं,मंडलों एवं सहयोगी कार्यकर्ताओं का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312

