सातवें निर्जल उपवास की दिव्य तपशक्ति से आलोकित हुआ पुष्पगिरि: अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के सान्निध्य में 28 से 30 जुलाई तक वर्षायोग का भव्य आध्यात्मिक महोत्सव

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सातवें निर्जल उपवास की दिव्य तपशक्ति से आलोकित हुआ पुष्पगिरि: अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर महाराज के सान्निध्य में 28 से 30 जुलाई तक वर्षायोग का भव्य आध्यात्मिक महोत्सव

गुरु चरण, यंत्र एवं अखण्ड दीप संकल्प स्थापना के साथ गुरु पूर्णिमा और वीर शासन जयंती का होगा ऐतिहासिक आयोजन, देशभर से उमड़ रहे श्रद्धालु
पुष्पगिरि तीर्थ (देवास), 26 जुलाई।
तप, त्याग और आत्मसाधना की दिव्य आभा से आलोकित पुष्पगिरि सेवा तीर्थ इन दिनों वर्षायोग–2026 के कारण देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 28 से 30 जुलाई तक आयोजित होने वाला त्रिदिवसीय गुरु चरण, यंत्र एवं अखण्ड दीप संकल्प स्थापना महोत्सव श्रद्धा, साधना और आध्यात्मिक ऊर्जा का विराट महापर्व होगा। यह आयोजन पुष्पगिरि तीर्थ के प्रणेता गणाचार्य आचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महाराज की पावन प्रेरणा एवं मंगल आशीर्वाद तथा अंतर्मना, साधना महोदधि, उभय मासोपवासी आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज ससंघ के दिव्य सान्निध्य में सम्पन्न होगा।

 

सातवें निर्जल उपवास में आरूढ़ गुरुदेव, तप की तेजस्विता के दर्शन को उमड़ रहा जनसैलाब
वर्षायोग का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आकर्षण यह है कि परम पूज्य अंतर्मना आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज अपनी अखंड तपश्चर्या के अंतर्गत लगातार सातवें निर्जल उपवास की कठिन तपाराधना में आरूढ़ हैं। गुरुदेव की विलक्षण साधना, अद्भुत आत्मसंयम और तप की तेजस्विता श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का अनुपम स्रोत बन गई है। उनकी तपस्या से संपूर्ण पुष्पगिरि तीर्थ आध्यात्मिक चेतना, भक्ति और साधना की दिव्य ऊर्जा से स्पंदित हो उठा है। देश के विभिन्न राज्यों से हजारों श्रद्धालु तीर्थ पहुंचकर गुरुदेव के दर्शन, आशीर्वाद एवं धर्मोपदेश का लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
प्रातः दीप आराधना से लेकर रात्रि महाआरती तक चलेगा आराधना का महाअनुष्ठान
त्रिदिवसीय महोत्सव में प्रतिदिन प्रातः 4:30 बजे दीप आराधना, 8:45 बजे जिनाभिषेक एवं शांतिधारा, 10:50 बजे ध्वजारोहण, 11:45 बजे सामायिक, मौन एवं चिंतन, 2:30 बजे मंचासीन गुरु पूजा एवं चातुर्मासिक बड़ा प्रतिक्रमण, सायं सामायिक एवं एकांत साधना, तथा 6:45 बजे गुरु भक्ति, दिग्बंधन विधि, यंत्र स्थापना, गुरु चरण स्थापना, अखण्ड दीप संकल्प एवं भव्य महाआरती जैसे दिव्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे। पूरे तीर्थ परिसर में भक्ति, अनुशासन और साधना का अनुपम वातावरण रहेगा।

गुरु पूर्णिमा और वीर शासन जयंती का रहेगा विशेष आकर्षण

महोत्सव के अंतर्गत 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव तथा 30 जुलाई को वीर शासन जयंती अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाई जाएगी। जिनेंद्र भगवान की विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक, शांतिधारा, सामूहिक णमोकार महामंत्र जाप, स्वाध्याय, धर्मसभा एवं ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मजागरण का संदेश मिलेगा।

 

तप केवल साधना नहीं, समाज के लिए प्रेरणा है
आचार्य श्री प्रसन्न सागर जी महाराज अपने तप, त्याग, संयम और ओजस्वी वाणी से समाज को आत्मानुशासन, अहिंसा, संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का संदेश दे रहे हैं। उनकी तपाराधना यह सिद्ध कर रही है कि आत्मबल और संयम ही जीवन की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

पुष्पगिरि सेवा तीर्थ परिवार ने देशभर के श्रद्धालुओं से भावपूर्ण आह्वान किया है कि वे 28 से 30 जुलाई तक आयोजित इस ऐतिहासिक वर्षायोग महोत्सव में सपरिवार सहभागी बनकर गुरुदेव के दर्शन, धर्मोपदेश, तपाराधना एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का पुण्य लाभ प्राप्त करें और इस दुर्लभ आध्यात्मिक महोत्सव के साक्षी बनें।
प्रचार-प्रसार संयोजक: रोमिल पाटणी (सोनकच्छ), नरेंद्र अजमेरा एवं पीयूष कासलीवाल (औरंगाबाद)
जानकारी संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी 9929747312

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