जिंदगी में कभी भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना विज्ञाश्री माताजी
गुन्सी
श्री दिगम्बर जैन सहस्रकूट विज्ञातीर्थ, गुन्सी (राज) की पुण्य धरा पर विराजमान पुरातत्व रक्षिका श्रमणी गणिनी आर्यिका गुरुमाँ विज्ञाश्री माताजी ने प्रवचन सभा में उपस्थित भक्तों को धर्म का सदुपदेश देते हुए कहा कि- जिंदगी में कभी भी अपने किसी हुनर पर घमंड मत करना क्योंकि पत्थर जब पानी में गिरता है तो अपने ही वजन से डूब जाता है।
अहंकार में तीन गए- धन, वैभव और वंश। ना मानो तो देख लो इतिहास के पन्ने को रावण, कौरव और कंस की जीवन कहानी क्या थी।


अच्छे समय का अहंकार ही बुरे समय को नियंत्रण देता है।
सहस्रकूट विज्ञातीर्थ क्षेत्र का निर्माण कार्य चल रहा है। निवाई समाज ने मिलकर गुरूमां की पारणा कराने का सौभाग्य प्राप्त किया।
आगामी 25 फरवरी 2024 को पूज्य गुरु माँ का 30 वाँ दीक्षा दिवस बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जायेगा ।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी
