केशवरायपाटन बना गुरुभक्ति का महासागर: गणिनी आर्यिका स्वास्तिभूषण माताजी के नगर प्रवेश ने रचा इतिहास, हर गली में गूंजी श्रद्धा की झंकार

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केशवरायपाटन बना गुरुभक्ति का महासागर: गणिनी आर्यिका स्वास्तिभूषण माताजी के नगर प्रवेश ने रचा इतिहास, हर गली में गूंजी श्रद्धा की झंकार

 

31 स्वागत द्वार, 21 ढोल, मंगल कलश, कच्छी घोड़ी नृत्य और हजारों श्रद्धालुओं की अगवानी के बीच हुआ भव्य चातुर्मासिक मंगल प्रवेश; 80 वर्षीय वरिष्ठ श्रद्धालु बोले— “जीवन में पहली बार ऐसा दिव्य दृश्य देखा”

—केशवरायपाटन, 26 जुलाई।

उत्तर भारत के प्राचीन दिगंबर जैन तीर्थ केशवरायपाटन ने रविवार को ऐसा ऐतिहासिक और अलौकिक दृश्य देखा, जिसने पूरे नगर को गुरुभक्ति के रंग में रंग दिया। परम पूज्या भारत गौरव गणिनी आर्यिका 105 श्री स्वास्तिभूषण माताजी के चातुर्मासिक मंगल प्रवेश को समाज ने केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भव्य महोत्सव का स्वरूप दे दिया। नगर की हर गली श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से झूम उठी तथा हजारों श्रद्धालुओं ने गुरुमां का अभिनंदन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।

 

“भाग्यशाली वे होते हैं जिनके जीवन में मां आती है, लेकिन परम सौभाग्यशाली वे हैं जिनके जीवन में गुरुमां का सान्निध्य मिलता है।” इन्हीं भावों के साथ दिगंबर जैन समाज ने गुरुमां का अभूतपूर्व स्वागत किया।

“80 वर्षों में पहली बार देखा ऐसा चातुर्मासिक प्रवेश”

क्षेत्र के वरिष्ठ श्रेष्ठी श्री नरेंद्र गंगवाल ने भावुक होकर कहा कि अपने 80 वर्षों के जीवन में उन्होंने पहली बार किसी चातुर्मासिक नगर प्रवेश को इतने विराट और महोत्सवमय स्वरूप में देखा है। उनका कहना था कि ऐसा दृश्य लंबे समय तक स्मृतियों में जीवित रहेगा।

गुरुमां ने पाटन को चुना, समाज ने माना सौभाग्य

क्षेत्र अध्यक्ष गुलाबचंद (चूना वाले) ने बताया कि दिगंबर जैन साधु-साध्वियों का कोई स्थायी निवास नहीं होता। वे वर्षायोग के चार माह एक ही स्थान पर रहते हैं ताकि वर्षा ऋतु में उत्पन्न सूक्ष्म जीवों की विराधना से बचा जा सके।

उन्होंने बताया कि स्वस्तिधाम तीर्थ प्रणेत्री गणिनी आर्यिका श्री स्वास्तिभूषण माताजी की प्रेरणा से उत्तर भारत के प्राचीन दिगंबर जैन तीर्थ केशवरायपाटन का पुनरुद्धार कार्य निरंतर चल रहा है। देशभर के अनेक नगरों के आग्रह के बावजूद गुरुमां ने इस वर्षायोग के लिए केशवरायपाटन का चयन किया, जो पूरे तीर्थ क्षेत्र और जैन समाज के लिए अत्यंत गौरव एवं सौभाग्य का विषय है।

21 ढोल, 31 स्वागत द्वार और भक्ति की अविरल धारा

मंत्री राजेंद्र वेद ने बताया कि वर्षायोग की घोषणा के बाद से ही पूरे समाज में उत्साह का वातावरण था। प्रातःकाल से ही राजराजेश्वर चौराहे पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा।

 

 

छोटी-छोटी साइकिलों पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते बच्चे, सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं, 21 ढोलों की गूंज, प्रसिद्ध कच्छी घोड़ी नृत्य, भक्ति गीतों से गुंजायमान वातावरण, कोटा से पधारे आदीश दिव्य घोष तथा हजारों श्रद्धालुओं की शोभायात्रा ने पूरे नगर को भक्तिमय बना दिया।

नगर प्रवेश संयोजक एवं कोषाध्यक्ष ने बताया कि यह गुरुमां का 31वां वर्षायोग है। इसी उपलक्ष्य में नगर में 31 भव्य स्वागत द्वार बनाए गए तथा प्रत्येक दसवें स्वागत द्वार के बाद 31 थालियों से गुरुमां का पाद-प्रक्षालन कर श्रद्धाभाव से अभिनंदन किया गया। तीर्थ क्षेत्र पहुंचने पर समिति पदाधिकारियों ने गुरुमां की मंगल अगवानी की।

पुरुषार्थ ही सफलता की कुंजी : गुरुमां

महामंत्री राकेश जैन ‘चपलमन’ ने मंच संचालन करते हुए सभी आगंतुकों का स्वागत किया। इस अवसर पर कोटा से पधारे राजमल पाटोदी, विनोद टोरडी, विमल नान्ता, जे.के. जैन, मनोज जैसवाल, आशीष जैसवाल, ईश्वर सोनी सहित खटकड़, तालेड़ा, मायजा, कापरेन और अन्य स्थानों से आए श्रद्धालुओं ने श्रीफल अर्पित कर गुरुमां का वंदन किया।

 

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में गुरुमां ने कहा कि “यदि मनुष्य अपने जन्म के साथ 60 प्रतिशत भाग्य लेकर आता है, तो शेष 40 प्रतिशत उसे अपने पुरुषार्थ से अर्जित करना पड़ता है। इसलिए जीवन में पुरुषार्थ का कोई विकल्प नहीं है।”

29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा, 2 अगस्त को होगा भव्य कलश स्थापना महोत्सव

वर्षायोग मीडिया प्रभारी यथार्थ पाटनी ने बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर आचार्य शांतिसागर जी छाणी महाराज की अक्षुण्ण आचार्य परंपरा का गुणानुवाद एवं पूजन गुरुमां के सान्निध्य में संपन्न होगा।

वहीं 2 अगस्त दोपहर 1 बजे कृषि उपज मंडी, केशवरायपाटन में वर्षायोग कलश स्थापना महोत्सव आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

कार्यक्रम के अंत में निर्माण मंत्री जितेंद्र शाह एवं कार्याध्यक्ष अभिषेक लुहाड़िया ने सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
राकेश जैन ‘चपलमन’ 9828097464 से प्राप्त जानकारी
(संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी) 9929747312

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