रामगंज मंडी के दो युवारत्न आकाश आचार्य एवं प्रशांत आचार्य ने युवाओं को धर्म से जोड़ा उनकी प्रेरणा से चांदखेड़ी में भी श्रावक परिवार का गठन योगेश जैन खानपुर

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रामगंज मंडी के दो युवारत्न आकाश आचार्य एवं प्रशांत आचार्य ने युवाओं को धर्म से जोड़ा उनकी प्रेरणा से चांदखेड़ी में भी श्रावक परिवार का गठन योगेश जैन खानपुर
खानपुर।।
ऐसे दो युवारत्न जिन्हें यह कहा जाए कि इन्होंने धर्म की ध्वजा को पल्लवित किया है और रामगंज मंडी नगर को भी गौरवान्वित किया है ऐसे दो युवारत्न प्रशांत जैन आचार्य एवं आकाश आचार्य जिनकी तारीफ रामगंज मंडी नगर ही नहीं संपूर्ण भारतवर्ष कर रहा है।उनकी सराहना करते हुए और उनके अनुमोदना स्वरूप खानपुर के निवासी योगेश जैन  अपने आप को रोक नहीं पाए और उन्होंने कुछ इस तरह से इन दोनों युवारत्नों के प्रति अपनी अभिव्यक्ति दी है जो आप सभी के समक्ष हम सांझा कर रहे हैं।

 

 

 

 

 

रामगंजमंडी में सारौला के श्री प्रशांत जैन आचार्य, आकाश जैन आचार्य ने अपनी वाणी से, अपनी प्रभावना से कितने ही लोगो को जिनधर्म से जोड़ दिया।

योगेश जैन सिंघल कहते हैं कि ऐसे व्यक्ति जिन्होंने कभी जिनमंदिर के दर्शन तक नही किए होंगे। वह भी इन दोनों भाइयों की प्रेरणा से नित्य नियम से स्वेच्छा से अभिषेक करने जाते है। ओर कर रहे है।

 

योगेश जैन सिंघल खानपुर

 

बड़ों का छोड़िए बालक जो तत्परता से रविवार आने की प्रतीक्षा करते है कि हमे देर तक सोने को मिलेगा वह छात्र छात्राएं भी अभिषेक करने/देखने जाते है। होड़ लगती है। एक “श्रावक परिवार” बनाया है। रविवार श्रावक परिवार के श्रावको की संख्या इतनी अधिक होती है कि एक नही दो पांडुक्षिला पर श्री जी को विराजमान किया जाता हैं, बाहर बड़े खुले चौक में। वहा नित्य पुण्यार्जक नही होते।

स्वेच्छिक दान करते है। भैया लोग बारी बारी से सभी लगभग 150 से अधिक श्रावको को अभिषेक शांतिधारा का अवसर देते है। सभी का उत्साह वर्धन करते है। भक्त भी बहुत खुश होते हैं। नित्य एक नियम श्रावको को वॉट्सएप के माध्यम से देते है। जिसका सभी संभवतया पालन करते है।

 

आप चूंकि सांगानेर से शिक्षा ग्रहण किए हुए है। अथाह ज्ञान के भंडार है आपके द्वारा नित्य शाम स्वाध्याय की कक्षा (स्वाध्याय परिवार) की होती है उसमे भी इतनी अधिक उपस्थिति होती है जितनी कि एक सामान्य नगर के जैन समाज में अभिषेक शांतिधारा में उपस्थिति होती है उससे अधिक।

 

योगेश जैन ने अपनी अभिव्यक्ति देते हुए दोनों भाइयों को देवदूत की संख्या दी और कहा की आप दोनो एक धर्म के देवदूत बनकर अवतरित हुए। इस प्रतिभा को निखारने का श्रेय राजस्थान के प्रमुख उदारमना भामाशाह सभी को एक साथ जोड़ने वाले वह धर्म समाज सेवा के कार्य में सक्रियश्री सुरेश जी दोतडा वाले बाबरिया परिवार को जाता है। उन्होंने उनकी महानता के विषय में बताया कि श्री सुरेश जी की एक छोटी सी महानता बताता हु कि वह एक कपड़ा व्यवसाई है। वर्ष 2011 में उन्होंने उनके घर किसी मुनिराज जी का आहार होने का संकल्प लिया होगा। वह संकल्प पूर्ण हो गया। तो उस दिन से वह अपनी दुकान पर छलने (नाथने) के कपड़े पैसे नही लेते है। इतने महान श्रावक है।
दोनो भैया धर्म की ऐसी गंगा बहा रहे है कि जिनवाणी चैनल भी कई बार उनके बारे में समाचार दे चुके है अपने चैनल पर। पूरे रामगंजमंडी की प्रतिभाएं सच्चे श्रावको के रूप में उभर रही है। जो कभी खाना खाकर भी मंदिर नही जाते थे वो आज भगवान जिनेंद्र देव के दर्शन किए बिना जल तक भी ग्रहण नही करते। खानपुर में सामुहिक अभिषेक शांतिधारा उन्ही की प्रेरणा एवम् प्रयास से है। और खानपुर में भी श्रावक परिवार का गठन हो चुका है।
ऐसी विभूतियों को नमन।
योगेश जैन चांदखेड़ी।

संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी

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