जनकपुरी समाज ने गुरूमाँ विज्ञाश्री माताजी के चरणों में श्रीफल समर्पित किया।
जयपुर
प. पू. भारत गौरव श्रमणी गणिनी आर्यिकारत्न 105 गुरुमाँ विज्ञाश्री माताजी को श्री 1008 नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर, जनकपुरी जयपुर के पदाधिकारी श्री पद्म बिलाला , ज्ञानचंद जैन, सौभागमल जैन ने अल्प प्रवास हेतु श्रीफल समर्पित किया। माताजी के सान्निध्य में जयपुर की हर एक कालोनी में जैन धर्म की महती प्रभावना दिनों दिन वृद्धिंगत होती जा रही है। राजस्थान जैन सभा, जयपुर के तत्वावधान में महावीर जयंती के उपलक्ष्य में आर्यिका संघ का मंगल विहार श्री दिगम्बर जैन मंदिर पार्श्वनाथ जी (सोनियान) खवास जी का रास्ते से समय सुबह 9.30 बजे रामलीला मैदान की ओर होगा। मांगलिक कार्यक्रम के पश्चात् वीर देशना गुरुमाँ के प्रवचनों का लाभ सभी धर्मप्रेमी बंधुओं को प्राप्त होने जा रहा है। कार्यक्रम के उपरांत दोपहर में आर्यिका संघ का मंगल प्रवेश श्री नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर जनकपुरी में होगा।
महावीर जयंती का उत्सव मनाने के लिए माताजी ने अपने उद्बोधन देते हुए कहा कि- जब भी इस वसुंधरा पर किसी महापुरुष का जन्म होता है तो पूरे विश्व में मंगलाचार होता है। इस 2623 वीं महावीर जयंती पर हर घर के आगे चौक पुराओ घंटानाद हो, धर्म ध्वजा को फहराकर सभी का मुख मीठा करो।




हम अपना जन्मदिन जितना उत्साह के साथ मनाते है, उतना ही आज उत्साह पूरे जैन समाज में होना चाहिए। हमारे आराध्य, जिनके शासनकाल में हमने जन्म लिया उनका जन्मोत्सव हर प्राणी के लिए सुखदायक होगा ही।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312
