57वें जन्मोत्सव पर गुरु-शिष्य प्रेम का अनुपम दृश्य: गणाचार्य पुष्पदंत सागर ने अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर को देंगे ‘पट्टाचार्य’ पद, सोनकच्छ जयकारों से गूंजा

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57वें जन्मोत्सव पर गुरु-शिष्य प्रेम का अनुपम दृश्य: गणाचार्य पुष्पदंत सागर ने अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर को देंगे ‘पट्टाचार्य’ पद, सोनकच्छ जयकारों से गूंजा

ध्वजारोहण से हुआ जन्मोत्सव का शुभारंभ, गुरु चरण पखारे, वृक्षारोपण, नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर और रक्तदान जैसे सेवा कार्यों ने बनाया आयोजन को ऐतिहासिक

सोनकच्छ।

पुष्पगिरी तीर्थ, सोनकच्छ में अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्न सागर जी महाराज का 57वां जन्मोत्सव आध्यात्मिक उल्लास, गुरु-भक्ति और जनसेवा के अद्भुत संगम के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर एक ऐसा भावुक क्षण आया जिसने हजारों श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। गणाचार्य श्री 108 पुष्पदंत सागर जी महाराज ने अपने प्रिय शिष्य अंतर्मना आचार्य प्रसन्न सागर जी को मंच पर स्नेहपूर्वक गले लगाया और उनकी तप-साधना एवं समर्पण से अभिभूत होकर आगामी 15 तारीख को ‘पट्टाचार्य (पट्ट विभूषण)’ पद से विभूषित करने की घोषणा की। यह घोषणा होते ही पूरा पंडाल “गुरु-शिष्य की जय” के उद्घोष से गूंज उठा।

 

 

गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि “प्रसन्न सागर इस युग के महातपस्वी संत हैं। उनकी साधना, समर्पण और मधुरता से मैं अत्यंत प्रभावित हूं। जो कार्य माता-पिता भी नहीं कर सके, वह उन्होंने अपनी साधना से कर दिखाया। उन्हें देखकर लगता है कि उनके भीतर का परमात्मा जाग चुका है।”

प्रातःकालीन आराधना से शुरू हुआ आध्यात्मिक उत्सव

प्रवक्ता रोमिल जैन ने बताया कि प्रातः 4 बजे दिव्य मंगल पाठ, आराधना एवं भगवान मुनिसुव्रतनाथ जिनालय में गणाचार्य श्री के सान्निध्य में श्रीजी का कलशाभिषेक एवं शांतिधारा सम्पन्न हुई। जन्मोत्सव के अवसर पर गणाचार्य श्री ने स्वयं भजन गाते हुए तालियां बजाकर शिष्य को विशेष आशीर्वाद दिया। अंतर्मना आचार्य श्री ने गुरु के चरणों में त्रिवार वंदना कर आशीर्वाद ग्रहण किया। इस दौरान गुरुदेव ने आशीर्वचन देते हुए कहा—“तुम्हें शीघ्र ही तीर्थंकर प्रकृति का बंध हो, तुम जल्दी भगवान बनो।”

ध्वजारोहण, वृक्षारोपण और सेवा कार्य बने आकर्षण

बैंड-बाजों के साथ गणाचार्य संघ पुष्पगिरी तीर्थ की शीर्ष पहाड़ी पहुंचा, जहां विद्यासागर रोडवेज, नागपुर के अनिल एवं मीणा परिवार द्वारा ध्वजारोहण कर जन्मोत्सव का शुभारंभ किया गया। इसके बाद गुरु सान्निध्य में वृक्षारोपण किया गया।

भगवान पद्मप्रभु चिकित्सालय में पुष्पगिरी तीर्थ एवं हॉपवेल हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में नि:शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड पंजीयन, रक्तदान शिविर एवं चिकित्सा शिविर आयोजित किया गया, जिसका बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों ने लाभ उठाया।

साथ ही “हर माह एक उपवास” महाअभियान के अंतर्गत क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।

भक्ति, संस्कृति और सम्मान का संगम

दोपहर में भव्य पंडाल में दीप प्रज्ज्वलन एवं सोनकच्छ जैन समाज की महिलाओं द्वारा मंगलाचरण नृत्य के साथ मुख्य समारोह का शुभारंभ हुआ। ग्वालियर की बालिकाओं ने मनोहारी भक्ति नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि मुनि नेगम सागर जी महाराज ने मंगलाचरण भजन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर विधायक डॉ. राजेश सोनकर, जिला कलेक्टर ऋतुराज सिंह, अपर कलेक्टर संजीव जैन, कवि शशिकांत यादव सहित अनेक अतिथियों का पुष्पगिरी परिवार ने सम्मान किया। गुरुभक्त परिवारों ने श्रद्धा एवं भक्ति के साथ गुरुपूजन कर पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया।

शाम को गुरु भक्ति और आनंद यात्रा

सायंकाल गुरु भक्ति, आनंद यात्रा, महाआरती एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में संघपति दिलीप भाई हुमड़, समाज अध्यक्ष महेंद्र पाटोदी, प्रदीप तिजारावाला, मंगल सिंह सेंधव, डॉ. नरेंद्र वर्मा, डॉ. अशोक सेंधव, प्रकाश अजमेरा, सुभाष जैन, अशोक बेलावत, शांतिलाल बेलावत, आकाश जैन, निरंजन सिंह सेंगर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन उपाध्याय मुनि पीयूष सागर जी महाराज ने किया।

शिष्यों और आर्यिकाओं ने दी भावपूर्ण शुभकामनाएं

जन्मोत्सव के अवसर पर मुनि अप्रमत सागर, मुनि सामायिक सागर, मुनि परिमल सागर, मुनि अर्ध सागर तथा आर्यिका पुण्यप्रभा, चरित्रप्रभा एवं गणिनी आर्यिका ज्ञानप्रभा माताजी सहित अनेक संतों ने काव्यात्मक एवं भावपूर्ण शब्दों में अंतर्मना आचार्य श्री के तप, त्याग और आध्यात्मिक व्यक्तित्व का गुणगान करते हुए उनके दीर्घायु एवं धर्मप्रभावना की मंगलकामना की।

प्रचार-प्रसार: रोमिल पाटणी (सोनकच्छ), नरेंद्र अजमेरा, पियूष कासलीवाल (औरंगाबाद)
जानकारी संकलन: अभिषेक जैन लुहाड़िया, रामगंजमंडी।9929747312

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