बच्चों के संस्कारों को सुरक्षित रखकर के ही हम अपनी संस्कृति को सुरक्षित रख पाएंगे प्रमाण सागर महाराज
विदिशा
“बच्चों के संस्कारों को सुरक्षित रख करके ही हम अपनी संस्कृति को सुरक्षित रख पाएगे”
उपरोक्त उदगार मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज ने श्री धर्मनाथ दि. जैन मंदिर के जिन विंब पंचकल्याणक महामहोत्सव के चतुर्थ दिवस दीक्षा कल्याणक के अवसर पर व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि “बच्चों पर संगति का विशेष प्रभाव पड़ता है,संगति संस्कारों पर हांवी हो जाती है” उन्होंने उपस्थित एवं देश विदेश में इस कार्यक्रम को देख और सुन रहे सभी अभिभावकों को कहा कि वह अपने बच्चों की संगति पर विशेष नजर रखें जिससे वह अपना जीवन सलामती के साथ जी सकें।

उन्होंने कहा कि मुझे आज बेहद प्रसन्नता है कि आज भावी भगवानों की जैन दीक्षा संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि बच्चों पर इन संस्कारों का असाधारण प्रभाव पड़ता है। जब कभी बच्चे ग्रेजुएट और उच्च शिक्षा के पश्चात अच्छी जाब मिल जाती हैतब वह कहते है कि महाराज जी हमने आपसे वहा पर संस्कार पाये थे आज हमारा जीवन सुरक्षित हो गया तो मुझे बेहद प्रसन्नता मिलती है।





इस अवसर पर पाठशाला प्रणेता मुनि श्री निर्वेग सागर जी महाराज तथा शंकासमाधान के संचालक मुनि श्री संधान सागर जी महाराज ने बच्चों में जैनत्व संस्कार विधी को संपन्न कराया।
संकलन अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी 9929747312
