मुनिश्री सुधासागर महाराज का सुमतिधाम तीर्थ पर मंगल प्रवेश मनीष सपना गोधा के साथ श्रीमती सुशीला पाटनी ने की अभूतपूर्व अगवानी
इंदौर
मजबूती के लिए सतत् प्रयास की बड़ी आवश्यकता है ये एक ऐसी प्रक्रिया है जो निरंतर चलती रहती है और इसको चलते रहना चाहिए सूर्य कभी अपनी गति को कम ज्यादा नहीं करता वह निरंतर चलते हुए प्रकाश देता है वह किसी के पास जाता नहीं है आप अपने द्वार को खोलकर रखोगे तो प्रकाश मिल जायेगा ऐसे ही हम मानवीय मूल्यों को कद्र करेंगे तो चाहे या ना चाहे प्रतिफल तो अपने आप मिलेगा ही मिलेगा आज अंदर हर व्यक्ति चाहता है कि वह सम्मान पूर्वक जीवन जिये और उसका सम्मान सभी करें लेकिन वह किसी को सम्मानित देखना नहीं चाहता हमें इस प्रवृत्ति को सुधारना होगा अच्छा काम करने वाले की जगत में हमेशा अच्छा होती है। यह उदगार सुमतिधाम तीर्थ पर विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए मुनि पुगंव 108 श्री सुधासागरजी महाराज ने व्यक्त किए।

भव्य मंगल प्रवेश कर मुनि संघ पहुंचा सुमतिधाम
इसके पहले सेटेलाइट नगर से परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ससंघ प का मंगल विहार होंकर इंडस्ट्रीज एरिया होते हुए आज सुमतिधाम में भव्य मंगल प्रवेश हुआ जहां हजारों श्रद्धालुओं ने मुनिश्री की भव्य अगवानी की।
इस बेला में तीर्थ के प्रवेश द्वार पर श्रीमती सपना गोधा के साथ श्रीमती सुशीला पाटनी आर के मार्बल ग्रुप ने समस्त महिला शक्ति के साथ मस्तक पर मंगल कलश धारण कर महाराज श्री की मंगल अगवानी करते हुए परिक्रमा की यह दृश्य अपने आप में भाव विभोर कर देने वाला था।

गोधा परिवार एवम श्रीमती सुशीला पाटनी हुई भाव विभोर
इन अविस्मरणीय पलो में गुरुदेव के मंच पर विराजमान होने के उपरांत श्रीमती सपना गोधा, श्रीमती सुशीला पाटनी आर के मार्बल ग्रुप एवम मनीष गोधा भक्ति में झूमते हुए भक्ति नृत्य करते हुए भाव विभोर हो उठे।


इस दौरान सपना मनीष गोधा के साथ श्रीमती सुशीला पाटनी आर के मार्बल ग्रुप ने मुनिश्री को श्री फल भेंट कर पाद प्रक्षालन किया।
ये मेरे बस की बात नहीं ये शब्द कभी भी मन में मत लाना बस इन्दौर चातुर्मास सफल हो गया मुनिश्री
उन्होंने कहा कि ये मेरे बस की बात नहीं ये शब्द कभी भी मन में मत लाना लेकिन मुझे मालूम है कि तुम कहीं ना कहीं ये कहोगे कोई ना कोई बात ऐसी निकलेगी जिसमें कोई ना कोई कह देगा महाराज जी चलो कोई बात नहीं दूसरा मार्ग है कोई एक ही मार्ग नहीं होता दूसरा मार्ग है पहला मार्ग याद हो गया ना किसी भी कार्य में ये नहीं बोलना मेरे बस की बात नहीं बोलना ये बोलना कि यदि गुरु के मुख से निकला है और गुरु गुरु मेरी नगर सीमा में आया है तो मेरे हर कार्य मेरे बस की बात है। मैं क्यों नहीं जा सकता हूं? कितनी दूर बैठे हो महाराज? मेरे बस की बात है। फिर भी यदि नहीं है तो हमारी जिनवाणी ने दूसरा उपदेश दिया जिसको मैं कहूं। दूसरा उपदेश दिया कि अब मैं नहीं बोलूंगा। जो एक जिसके मन में ये भाव आए कि महाराज जी पहले बता दो आप क्या-क्या बोलोगे। हम फिर सोच लेंगे, मीटिंग कर लेंगे, विचार कर लेंगे, बस की बात होगी तो हां कह देंगे, नहीं तो मना कर देंगे। नहीं वो तो संभव नहीं है कि हम पहले से बता दे वो तो आदेश होता है। गुरु के मुख से निकलने के बाद मीटिंग हुई तो फिर गुरु कहेगा। गुरु के मुख से निकले हुए पर ना तो विचार होता है, ना मीटिंग होती है, कुछ नहीं होता।
आज भगवान साक्षात चलकर हमारे नगर में आए हैं सपना गोधा
इस बेला में श्रीमती सपना गोधा ने कहा आज हम अपनी सिर्फ आँखों को धन्य करे भगवान साक्षात चलकर हमारे नगर में आए हैं। उन्होंने जैसे ही उद्घोष किया देखो देखो कौन आया भक्तों ने उत्साह के साथ कहा जिनशासन का शेर आया।
जैसे ही भजन गुंजा दीवाना हूं तेरा सुधासागर महाराज मे दीवाना हूं तेरा भक्त भक्ति से ओत प्रोत होकर झूम उठे।
अभिषेक जैन लुहाड़िया रामगंजमंडी की रिपोर्ट 9929747312

